नया मैक्सिको (अमेरिका) | 7 अगस्त, 2026
सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी मेटा (Meta) को अमेरिका की एक अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है। न्यू मैक्सिको राज्य की अदालत ने इंस्टाग्राम और फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा पर बच्चों और युवाओं की मानसिक सेहत को नुकसान पहुंचाने के मामले में कुल 942 मिलियन डॉलर यानी लगभग 9,030 करोड़ रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने फैसले में माना कि कंपनी के प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद फीचर्स और एल्गोरिदम इस तरह डिजाइन किए गए हैं, जिससे युवाओं में मानसिक बीमारियां और लत की प्रवृत्ति बढ़ी है।
1. जुर्माने की राशि का उपयोग और इलाज के निर्देश
अदालत के आदेश के अनुसार, इस पेनल्टी की कुल रकम का बड़ा हिस्सा युवाओं के स्वास्थ्य सुधार और सुरक्षा उपायों पर खर्च किया जाएगा:
- ₹3,993 करोड़ ($420 मिलियन) युवाओं के इलाज पर: अदालत द्वारा लगाए गए कुल जुर्माने में से एक बहुत बड़ा हिस्सा यानी करीब 3,993 करोड़ रुपए सीधे तौर पर युवाओं की मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और उनके इलाज पर खर्च किए जाएंगे।
- अवेयरनेस और प्रिवेंशन: बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल अगले 5 वर्षों के दौरान बच्चों और किशोरों में सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने, रोकथाम के उपायों और स्क्रीनिंग सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
2. दो चरणों में चला ऐतिहासिक कानूनी मुकदमा
यह मामला न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेस द्वारा दायर किया गया था, जो दो मुख्य चरणों में आगे बढ़ा:
- पहला चरण ($375 मिलियन): ट्रायल के पहले फेज में जूरी ने फैसला सुनाया था कि मेटा जानती थी कि उसके प्लेटफॉर्म्स बच्चों के लिए सुरक्षित नहीं हैं और इसके बावजूद उसने बच्चों के यौन शोषण व सुरक्षा से जुड़े खतरों से जुड़ी कई बातों को छिपाया। इस चरण में कंपनी पर 3,571 करोड़ रुपए का सिविल जुर्माना लगाया गया था।
- दूसरा चरण ($567 मिलियन): हाल ही में आए दूसरे और अंतिम चरण के फैसले में जज ब्रायन बीडशेड ने मेटा पर पब्लिक न्यूसेंस (सार्वजनिक उपद्रव) और सुरक्षा संबंधी कमियों के लिए लगभग 5,390 करोड़ रुपए का अतिरिक्त जुर्माना लगाया। इस तरह कुल जुर्माना बढ़कर 9,030 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।
3. मेटा के प्लेटफॉर्म्स में बदलाव और कंपनी का रुख
- प्लेटफॉर्म्स में कड़े बदलाव: अदालत ने मेटा को निर्देश दिया है कि वह किशोरों के लिए प्लेटफॉर्म के उपयोग की मासिक सीमा तय करे, नोटिफिकेशन सीमित करे, एआई चैटबॉट के लिए कड़े सुरक्षा मानक लागू करे और वयस्कों द्वारा नाबालिगों से संपर्क साधने पर रोक लगाने के लिए कड़े नियंत्रण स्थापित करे।
- मेटा की प्रतिक्रिया: इस कड़े फैसले के बाद मेटा के प्रवक्ता ने बयान जारी कर अदालत के आदेश से असहमति जताई है। कंपनी ने कहा है कि वह इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेगी। मेटा का तर्क है कि वे अपने प्लेटफॉर्म्स पर किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए लगातार कड़े कदम उठा रहे हैं और भविष्य में भी अपना बचाव जारी रखेंगे।
