सेंट लुइस (अमेरिका) | 7 अगस्त, 2026
भारतीय शतरंज के युवा स्टार और ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा ने अमेरिकी धरती पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। प्रज्ञानानंदा ने प्रतिष्ठित ‘सेंट लुइस रैपिड एंड ब्लिट्ज 2026’ (Saint Louis Rapid & Blitz) टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम कर लिया है। उन्होंने यह शानदार खिताबी जीत ब्लिट्ज वर्ग का एक राउंड बाकी रहते ही सुनिश्चित कर ली। इस प्रतियोगिता में प्रज्ञानानंदा ने शुरुआत से लेकर अंत तक अपने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया और रैपिड चरण से ही शीर्ष पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी थी।
1. रैपिड के बाद ब्लिट्ज में भी कायम रखा दबदबा
इस रोमांचक टूर्नामेंट में प्रज्ञानानंदा ने अपने खेल के दम पर दुनिया भर के दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया:
- रैपिड चरण में शानदार बढ़त: टूर्नामेंट के पहले हिस्से यानी रैपिड मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रज्ञानानंदा ने शीर्ष स्थान हासिल किया था। हालांकि अंतिम रैपिड राउंड में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था, फिर भी वे बढ़त बनाए रखने में सफल रहे।
- ब्लिट्ज में भी दिखाया दम: इसके बाद 18 राउंड के चुनौतीपूर्ण ब्लिट्ज मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ी ने गजब की मानसिक दृढ़ता और परिपक्वता दिखाई। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 23.5 अंक हासिल किए और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए अकेले शीर्ष पर फिनिश किया।
2. उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंधारोव को पछाड़ा
- टूर्नामेंट के अंतिम दिन प्रज्ञानानंदा ने तीन महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। खिताब की दौड़ में उनके सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी उज्बेकिस्तान के युवा ग्रैंडमास्टर जावोखिर सिंधारोव (Javokhir Sindarov) रहे, जो उपविजेता बने।
- पेनल्टीमेट (सैकड़ों) राउंड में प्रज्ञानानंदा और सिंधारोव के बीच मुकाबला हुआ, जिसे प्रज्ञानानंदा ने शानदार तरीके से ड्रॉ कराते हुए बढ़त सुरक्षित रखी और एक राउंड शेष रहते ही टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया। अंततः उन्होंने दूसरे स्थान पर रहे सिंधारोव पर 1.5 अंकों की स्पष्ट बढ़त बनाई।
3. ग्रैंड चेस टूर स्टैंडिंग्स में लंबी छलांग, फाइनल की उम्मीदें मजबूत
इस खिताबी जीत के साथ ही प्रज्ञानानंदा को 50,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि और 13 जीसीटी (GCT) अंक मिले हैं:
- इस शानदार सफलता के बाद प्रज्ञानानंदा ग्रैंड चेस टूर (GCT) की समग्र अंक तालिका में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
- इस जीत से उनके इस साल के अंत में होने वाले प्रतिष्ठित ग्रैंड चेस टूर के भव्य फाइनल (Grand Finale) में क्वालीफाई करने की संभावना बेहद मजबूत हो गई है। हाल ही में नॉर्वे शतरंज का खिताब जीतने के बाद प्रज्ञानानंदा की यह एक और ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय जीत है, जिसने भारतीय शतरंज का मान पूरी दुनिया में एक बार फिर बढ़ा दिया है।
