देश का मौसम: कहीं बाढ़ का तांडव, तो कहीं सूखे की मार

स्थान: नई दिल्ली

दिनांक: 16 जुलाई, 2026

देश के विभिन्न राज्यों में मानसून का दोहरा चेहरा देखने को मिल रहा है। जहाँ एक ओर पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, वहीं मध्य प्रदेश के एक बड़े हिस्से में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं।

पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ का कहर

पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी है, जिससे हालात गंभीर हो गए हैं। असम और अरुणाचल प्रदेश में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर है [1.1.2, 1.1.3]।

  • असम: राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है [1.1.3]। भारी बारिश के कारण गाँवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है [1.1.3]।
  • अरुणाचल प्रदेश: यहाँ भारी बारिश और भूस्खलन ने आम जनजीवन को बाधित कर दिया है [1.1.3]। रिपोर्टों के अनुसार, लाखों लोग बाढ़ जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे हैं और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी हैं [1.1.3]।

यूपी-बिहार में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर प्रदेश और बिहार के कई हिस्सों में मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है [1.3.2, 1.3.3]।

  • उत्तर प्रदेश: लखनऊ, बाराबंकी, गोरखपुर और लखीमपुर खीरी समेत राज्य के कई जिलों में भारी से भीषण बारिश होने का अनुमान है [1.3.2]। यहाँ 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है [1.3.2]।
  • बिहार: राज्य के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और पूर्वी चंपारण जैसे जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है [1.3.2]। यहाँ भी 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है [1.3.2]।

मध्य प्रदेश में सूखे जैसे हालात

मध्य प्रदेश में मानसून की सुस्ती ने किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है [1.2.1]। राज्य के अधिकांश जिलों में लंबे समय से बारिश न होने के कारण सूखे जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं [1.2.1]।

  • 34 जिलों में सूखा: ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 55 में से 34 जिले सूखे की मार झेल रहे हैं [1.2.1]। इन क्षेत्रों में खेती के लिए बारिश का अभाव एक बड़ी चुनौती बना हुआ है [1.2.1]।
  • गर्मी का असर: बारिश की कमी के कारण तापमान में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है [1.2.1]।

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले 3-4 दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है, जबकि उत्तर-पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस का दौर जारी रह सकता है [1.1.1, 1.3.3]।

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