अध्यात्म और विकास का महा-संगम: धर्मनगरी चित्रकूट में सीएम योगी ने नंगे पैर की कामदगिरि पर्वत की परिक्रमा; बरहा हनुमान मंदिर में की विशेष पूजा, बंदरों को दुलार कर खिलाया चना

स्थान: चित्रकूट धाम

दिनांक: 9 जुलाई, 2026

विशेष संवाददाता, चित्रकूट:

भगवान श्रीराम की पावन तपोभूमि धर्मनगरी चित्रकूट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दो दिवसीय दौरे का दूसरा दिन पूरी तरह आस्था और अध्यात्म के रंग में रंगा नजर आया। गुरुवार सुबह कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल और पांच घेरे की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चित्रकूट के प्रसिद्ध कामदगिरि पर्वत की पारंपरिक 5-कोसी (लगभग 5 किलोमीटर) परिक्रमा नंगे पैर पूरी की

परिक्रमा मार्ग पर मुख्यमंत्री का एक बेहद संवेदनशील और सहज रूप भी देखने को मिला, जब उन्होंने जगह-जगह रुककर वन्य जीवों और वानर सेना (बंदरों) को अपने हाथों से बड़े स्नेह के साथ चना और केला खिलाया। इस दौरान पूरे परिक्रमा पथ पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने जय श्रीराम के गगनभेदी उद्घोष के साथ मुख्यमंत्री पर फूलों की भारी वर्षा की।

नंगे पैर यात्रा: श्रीराम जानकी मंदिर में माथा टेक शुरू की परिक्रमा

बुधवार को चित्रकूट को ₹950 करोड़ की 124 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देने और समीक्षा बैठक करने के बाद, सीएम योगी ने न्यू सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया था।

  • भोर में पहुंचे कामदनाथ दरबार: गुरुवार सुबह ठीक 7:25 बजे मुख्यमंत्री का काफिला परिक्रमा क्षेत्र के पास पहुंचा। उन्होंने सबसे पहले श्रीराम जानकी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन और पूजन किया। इसके बाद वे नंगे पैर ही परिक्रमा के लिए रवाना हुए।
  • सरयू धारा में लीन: यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री कुछ पलों के लिए सरयू धारा के समीप आत्मिक शांति के लिए बैठे। इसके बाद कामदनाथ प्रमुख मुखारबिंद पहुंचने पर मंदिर के व्यवस्थापक संत मदन गोपालदास ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया, जहां सीएम ने भगवान कामदनाथ की विशेष आरती की।

बरहा हनुमान मंदिर में संकटमोचन की पूजा; महाआरती स्थल पर बटुकों ने किया स्वागत

परिक्रमा पथ पर आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री कामदगिरि पर्वत के प्राचीन मुखारबिंद और तृतीय मुखारबिंद में दर्शन करते हुए प्रसिद्ध बरहा हनुमान मंदिर पहुंचे।

बंदरों को कराया भोजन:

बरहा हनुमान मंदिर में संकटमोचन हनुमान जी महाराज के चरणों में शीश नवाने और विशेष आरती करने के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर और परिक्रमा मार्ग पर बैठे बंदरों को अपने हाथों से चना और फल खिलाए। सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वानर सेना बेहद सहजता से उनके हाथों से भोजन ग्रहण करती दिख रही है।

इसके बाद मुख्यमंत्री कामदगिरि महाआरती स्थल पहुंचे, जहां व्यवस्थापक विपिन विराट महाराज की अगुवाई में ब्राह्मण बटुकों ने शंखध्वनि और वैदिक मंगलाचरण के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने यहां मुख्य महाआरती संपन्न की।

मुख्यमंत्री योगी के दो दिवसीय चित्रकूट दौरे का मुख्य विवरण

पड़ाव और समयआयोजन और धार्मिक अनुष्ठानरणनीतिक और प्रशासनिक प्रभाव
8 जुलाई (पहला दिन)चित्रकूट इंटर कॉलेज में जनसभा; ₹950.89 करोड़ की 124 परियोजनाओं का लोकार्पण।बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे लिंक और धार्मिक पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा बूस्ट। विपक्ष पर साधा निशाना।
9 जुलाई (आज सुबह)कामदगिरि पर्वत की 5 किलोमीटर की नंगे पैर परिक्रमा, बरहा हनुमान मंदिर और कामदनाथ मुख्य मुखारबिंद में महाआरती।सनातन सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का संदेश; यूपी-एमपी प्रशासन की संयुक्त सुरक्षा व्यवस्था।

यूपी-एमपी प्रशासन मुस्तैद; करीब डेढ़ घंटे में पूरी हुई परिक्रमा

मुख्यमंत्री को कामदगिरि की इस परिक्रमा को पूरा करने में करीब डेढ़ घंटे का समय लगा। चूंकि कामदगिरि पर्वत का कुछ हिस्सा मध्य प्रदेश की सीमा (सतना जिला) में भी आता है, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों के प्रशासनिक अमले ने चाक-चौबंद इंतजाम किए थे।

परिक्रमा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ पीडब्ल्यूडी राज्यमंत्री बृजेश सिंह, एडीजी जोन प्रयागराज ज्योति नारायण, कमिश्नर अजीत कुमार, डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पांच घेरे की सुरक्षा व्यवस्था को संभालते हुए साथ चल रहे थे। सुरक्षा बलों ने आम श्रद्धालुओं को असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा, जबकि श्रद्धालु अपने लोकप्रिय मुख्यमंत्री की एक झलक पाने और उन पर पुष्पवर्षा करने के लिए पूरे रास्ते छतों और बैरिकेड्स के किनारे मुस्तैद दिखे।

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