स्थान: तेहरान / वाशिंगटन
दिनांक: 4 जुलाई, 2026
अंतरराष्ट्रीय डेस्क:
पश्चिम एशिया (Mid-East) के इतिहास में आज एक अभूतपूर्व और बेहद भावुक कर देने वाला दृश्य देखा गया। इस साल 28 फरवरी को अमेरिकी-इजराइली हवाई हमले में मारे गए ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) का चार महीने की देरी के बाद आखिरकार छह दिवसीय राजकीय अंतिम संस्कार (State Funeral) शनिवार से आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया। तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला (Mosalla Complex) में खामेनेई के पार्थिव शरीर की अंतिम झलक पाने के लिए काले कपड़े पहने लाखों लोगों का जनसैलाब (काला समंदर) उमड़ पड़ा।
इस महा-शोकसभा के दौरान तेहरान की सड़कों पर गम और गुस्से का मिला-जुला माहौल दिखा। लाखों की भीड़ ने छाती पीटकर विलाप करने के साथ-साथ इजराइल और अमेरिका के खिलाफ “खून बहेगा, बदला लिया जाएगा” (Revenge and Retaliation) के गगनभेदी नारे लगाए। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखा कूटनीतिक तंज कसा है।
4 महीने बाद हो रहा है अंतिम संस्कार; सुरक्षा के लिए तेहरान बना किला
इस्लामी परंपराओं के अनुसार पार्थिव शरीर को 24 घंटे के भीतर सुपुर्द-ए-खाक किया जाता है, लेकिन युद्ध जैसी परिस्थितियों और गंभीर सुरक्षा खतरों के चलते ईरान ने इसे टाल दिया था। पिछले महीने हुए अस्थायी युद्धविराम (Ceasefire) समझौते के बाद अब 3 जुलाई से 9 जुलाई, 2026 के बीच इस महा-आयोजन की रूपरेखा तय की गई है।
- 20 मिलियन लोगों के जुटने का अनुमान: ईरान की राष्ट्रीय अंतिम संस्कार समिति के अनुसार, तेहरान और पवित्र शहरों में होने वाले इन कार्यक्रमों में लगभग 1.5 से 2 करोड़ (15 to 20 Million) लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
- अभेद्य सुरक्षा चक्र: तेहरान की सभी मुख्य सड़कों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। विमान भेदी मिसाइल प्रणालियों (Anti-Aircraft Systems) और सेना के हेलीकॉप्टरों को मुसल्ला परिसर के ऊपर चौबीसों घंटे तैनात रखा गया है।
- वैश्विक नेताओं की मौजूदगी: अंतिम संस्कार में भारत (केंद्रीय मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा और बिहार के राज्यपाल), रूस, चीन, कतर और पाकिस्तान सहित 30 से अधिक देशों के शीर्ष राजनयिक और वीआईपी प्रतिनिधि शामिल होने पहुंचे हैं।
“हत्यारों को चैन से नहीं रहने देंगे”— संसद अध्यक्ष के सलाहकार की खुली चेतावनी
मुसल्ला कॉम्प्लेक्स के बाहर लगाए गए विशाल लाल बैनर (जो शिया परंपरा में शहादत और बदले का प्रतीक हैं) ईरान के आगामी रुख को साफ बयां कर रहे हैं।
बदले का संकल्प:
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबाफ के रणनीतिक सलाहकार महदी मोहम्मदी ने सोशल मीडिया (X) पर एक बेहद आक्रामक संदेश जारी करते हुए लिखा: “बिना किसी संदेह के, आज के बाद से हमारे जीवन का केवल एक ही मकसद होगा— महान प्रतिशोध (Vengeance) के क्षण की तैयारी करना। हम उस घड़ी का इंतजार कर रहे हैं जब हम आपके (खामेनेई) कातिलों पर कहर बनकर टूटेंगे। जब तक यह बदला पूरा नहीं हो जाता, तब तक इस क्षेत्र में किसी भी दुश्मन देश को चैन की नींद नहीं सोने दी जाएगी।”
‘अमेरिका 250’ समारोह से ट्रंप का तंज: “वे समझौता करने के लिए मर रहे हैं”
ईरान में चल रहे इस महा-शोक के बीच, अमेरिकी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ (America 250) के उपलक्ष्य में साउथ डकोटा के ‘माउंट रशमोर’ (Mount Rushmore) पर आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान पर निशाना साधा।
ट्रंप ने मुस्कुराते हुए भीड़ के सामने दावा किया:
“हमने ईरान को पूरी तरह पस्त (Knocked the hell out) कर दिया है। वे अब वाशिंगटन के साथ समझौता (Settle) करने के लिए बुरी तरह तड़प रहे हैं, वे मर रहे हैं। चूंकि हम लोग बहुत अच्छे और भले (Because we’re nice) हैं, इसलिए हमने उनके दिवंगत सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार की रस्मों को पूरा करने के लिए उन्हें एक हफ्ते की छुट्टी (Week off) दे दी है और अपनी गुप्त बातचीत को एक सप्ताह के लिए रोक दिया है।”
खामेनेई के अंतिम संस्कार का आधिकारिक 6 दिवसीय शेड्यूल
| तारीख और दिन | निर्धारित स्थान | कार्यक्रम और कूटनीतिक रूपरेखा |
| 3-4 जुलाई (शुक्रवार-शनिवार) | ग्रैंड मुसल्ला, तेहरान | अंतरराष्ट्रीय शोक सभा और जनता के लिए 24 घंटे अंतिम दर्शन का मौका। |
| 5-6 जुलाई (रविवार-सोमवार) | तेहरान की मुख्य सड़कें | मुख्य नमाज़-ए-जनाज़ा और तेहरान के मुख्य अक्षों पर विशाल शवयात्रा (Procession)। |
| 7 जुलाई (मंगलवार) | पवित्र शहर कुम (Qom) | शिया धार्मिक नेताओं और मदरसों के छात्रों द्वारा विशेष विदाई सभा। |
| 8 जुलाई (बुधवार) | नजफ और कर्बला (इराक) | पार्थिव शरीर को विशेष विमान से इराक के पवित्र तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए ले जाया जाएगा। |
| 9 जुलाई (गुरुवार) | मशहद (Mashhad), ईरान | इमाम रज़ा की पवित्र दरगाह के समीप पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम दफ़न (Burial)। |
ईरान के केंद्रीय सैन्य कमान के कमांडर अली अब्दुल्लाही ने अमेरिका और इजराइल को कड़े लहजे में चेतावनी दी है कि यदि इस एक हफ्ते के शोक काल के दौरान किसी भी प्रकार का हवाई या साइबर दुस्साहस किया गया, तो तेहरान बिना समय गंवाए तेल अवीव पर अब तक का सबसे भीषण मिसाइल हमला करेगा। फिलहाल पूरे मध्य पूर्व में हवा बेहद भारी है और शांति वार्ताएं इस अंतिम संस्कार के संपन्न होने तक पूरी तरह ठप पड़ी हैं।
