स्थान: श्रीनगर
दिनांक: 2 जुलाई, 2026
विशेष संवाददाता, श्रीनगर:
जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती आगामी दिनों में ईरान की राजधानी तेहरान के दौरे पर जा रही हैं। ईरान सरकार ने इस साल फरवरी में एक हवाई हमले में मारे गए अपने सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) के ऐतिहासिक और भव्य अंतिम संस्कार (State Funeral) समारोह में शामिल होने के लिए महबूबा मुफ्ती को ‘विशेष अतिथि’ (Distinguished Guest) के रूप में औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है।
इस हाई-प्रोफाइल आमंत्रण को स्वीकार करते हुए महबूबा मुफ्ती ने इसे भारत और कश्मीर के लिए एक बड़ा राजनयिक सम्मान बताया है। वे इस राजकीय शोक सभा में शामिल होकर भारत और जम्मू-कश्मीर की जनता की ओर से इस्लामी गणराज्य ईरान के नेतृत्व और वहां के नागरिकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं प्रकट करेंगी।
4 महीने बाद हो रहा है अंतिम संस्कार; अभेद्य सुरक्षा में जुटेंगे वैश्विक नेता
विदेशी मामलों के जानकारों और अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के अनुसार, फरवरी 2026 में पश्चिम एशिया (Mid-East) युद्ध के शुरुआती दौर में हुए हमले के बाद सुरक्षा कारणों और युद्ध जैसी परिस्थितियों के चलते आयतुल्लाह खामेनेई के पार्थिव शरीर को पिछले 4 महीनों से विशेष कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया था।
- 5 दिवसीय महा-आयोजन: ईरान सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर 4 जुलाई से 9 जुलाई, 2026 के बीच देशव्यापी अंतिम संस्कार कार्यक्रम की घोषणा की है।
- इराक से लेकर ईरान तक यात्रा: खामेनेई के पार्थिव शरीर को तीन दिनों तक तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला (Mosalla Complex) में दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद जनाजे को इराक के पवित्र शिया शहरों (नजफ और कर्बला) ले जाया जाएगा, जिसके बाद अंततः उनके जन्मस्थान ‘मशहद’ में स्थित इमाम रजा दरगाह में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (Burial) किया जाएगा।
- दुनिया का सबसे बड़ा सुरक्षा ऑपरेशन: ईरान के इतिहास के इस सबसे बड़े और संवेदनशील आयोजन के लिए सुरक्षा के ऐसे अभेद्य इंतजाम किए जा रहे हैं कि आसमान में लगातार सेना के हेलीकॉप्टरों की गश्त और ड्रोन सर्विलांस तैनात रहेगा।
“भारत-ईरान की प्राचीन सभ्यताओं के गहरे संबंधों का प्रतीक”— आमंत्रण पत्र
ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालय के ‘अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग’ (International Relations Department) द्वारा महबूबा मुफ्ती को भेजे गए आधिकारिक पत्र में दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का विशेष उल्लेख किया गया है।
ईरानी दूतावास के पत्र का मुख्य अंश:
“इस्लामी गणराज्य ईरान और भारत गणराज्य को जोड़ने वाले गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक संबंधों के आलोक में, मैं महामहिम (महबूबा मुफ्ती) को भारतीय राष्ट्र के एक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि के रूप में इस गंभीर और ऐतिहासिक समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित करना अपना सौभाग्य समझता हूं। आपकी उपस्थिति हमारी दोनों प्राचीन सभ्यताओं के बीच गहरी दोस्ती और आपसी सम्मान का एक बड़ा प्रमाण होगी।”
कश्मीर के 5 बड़े शिया धर्मगुरुओं और कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को भी न्योता
पीडीपी सूत्रों के मुताबिक, महबूबा मुफ्ती ने इस निमंत्रण को अत्यंत गरिमापूर्ण मानते हुए तेहरान जाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं। दिलचस्प बात यह है कि ईरान ने भारत से संतुलन साधने के लिए कश्मीर घाटी के प्रमुख राजनीतिक और शिया चेहरों को विशेष तौर पर तरजीह दी है।
| आमंत्रित भारतीय/कश्मीरी नेता व धर्मगुरु | राजनीतिक एवं धार्मिक स्टेटस |
| महबूबा मुफ्ती (PDP अध्यक्ष) | जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री (विशेष आमंत्रित सदस्य) |
| मल्लिकार्जुन खड़गे / सलमान खुर्शीद | कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री (दिल्ली से आमंत्रित) |
| आगा सैयद रूहुल्लाह (NC सांसद) | नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ सांसद और प्रभावशाली शिया नेता |
| इमरान रजा अंसारी (PC नेता) | पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के नेता और प्रमुख कश्मीरी शिया मौलवी |
| मौलाना मसरूर अब्बास अंसारी / आगा हसन | कश्मीर के अन्य शीर्ष और प्रतिष्ठित शिया धर्मगुरु |
राजनयिक गलियारों में माना जा रहा है कि भारत की तरफ से इस महा-अंतिम संस्कार में देश का आधिकारिक प्रतिनिधित्व बिहार के पूर्व राज्यपाल और विदेश राज्य मंत्री पाबित्रा मार्गेरिटा (Pabitra Margherita) कर सकते हैं। महबूबा मुफ्ती और कश्मीर के प्रमुख शिया नेताओं की इस तेहरान यात्रा से भारत और ईरान के बीच चल रहे सांस्कृतिक व कूटनीतिक संबंधों को एक नया आयाम मिलने की उम्मीद है।
