स्थान: भोपाल
दिनांक: 30 जून, 2026
विशेष संवाददाता, भोपाल:
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में पंजाब किंग्स (PBKS) के स्टार ऑलराउंडर शशांक सिंह और उनके पिता व मध्य प्रदेश के रिटायर्ड आईपीएस (पूर्व डीजीपी स्तर के अधिकारी) शैलेश सिंह बड़ी कानूनी मुसीबत में घिर गए हैं। भोपाल पुलिस ने दोनों पिता-पुत्र और उनके पारिवारिक ड्राइवर के खिलाफ घर के बावर्ची (कुक) के साथ बर्बरता से मारपीट करने, गाली-गलौज करने और उसे जबरन बंधक बनाकर रखने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज की है।
इस बीच पीड़ित कुक ने रोते हुए अपना एक वीडियो भी जारी किया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपने साथ हुई ज्यादती की कहानी बयां कर रहा है।
15 हजार सैलरी और सरकारी नौकरी का झांसा देकर रीवा से बुलाया था भोपाल
रातीबड़ पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के अनुसार, पीड़ित कुक विपेंद्र सिंह तोमर (31 वर्ष) मूल रूप से मध्य प्रदेश के रीवा जिले का रहने वाला है।
- क्या था ऑफर?: विपेंद्र को एक परिचित के माध्यम से भोपाल के मेंडोरी गांव (नीलबड़) स्थित पूर्व आईपीएस अधिकारी शैलेश सिंह के आलीशान बंगले पर खाना बनाने के लिए बुलाया गया था।
- किए गए थे बड़े वादे: शिकायत में विपेंद्र ने बताया कि उसे ₹15,000 प्रति महीना वेतन, मुफ्त रहने और खाने की सुविधा देने की बात कही गई थी। साथ ही, पूर्व रसूखदार पुलिस अधिकारी के पद का हवाला देते हुए भविष्य में कोई सरकारी नौकरी लगवाने में मदद करने का भरोसा (झांसा) भी दिया गया था।
‘चव बिघड़ने’ पर गाली-गलौज; नौकरी छोड़ने की बात पर भड़के पिता-पुत्र
पीड़ित कुक विपेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि 25 जून को काम पर ज्वाइन करने के कुछ ही घंटों के भीतर उसके साथ बुरा बर्ताव शुरू हो गया।
कमरे का दरवाजा तोड़कर की बर्बरता:
विपेंद्र के अनुसार, खाने की चव (स्वाद) और क्वालिटी को लेकर उस पर मानसिक रूप से अत्यधिक दबाव बनाया जाने लगा। विपेंद्र ने जारी वीडियो और शिकायत में कहा, “जब मैंने वहां का गाली-गलौज वाला माहौल देखा, तो मैंने काम करने से मना कर दिया और अगली सुबह उनसे कहा कि मैं नौकरी छोड़कर वापस रीवा जाना चाहता हूं। इस बात पर पूर्व आईपीएस और उनका क्रिकेटर बेटा शशांक बुरी तरह भड़क गए।”
आरोप है कि विपेंद्र किसी से संपर्क न कर सके, इसलिए आरोपियों ने जबरन उसका मोबाइल फोन छीन लिया। अपनी जान बचाने के लिए पीड़ित ने खुद को बंगले के एक कमरे के अंदर बंद कर लिया था। लेकिन आरोप है कि पूर्व आईपीएस शैलेश सिंह, क्रिकेटर शशांक सिंह और उनके ड्राइवर मिश्रा ने मिलकर कमरे का दरवाजा जबरन तोड़ दिया और अंदर घुसकर विपेंद्र को बेरहमी से पीटा और अश्लील गालियां दीं।
मेडिकल रिपोर्ट में चोटों की पुष्टि; भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज
घटना के बाद किसी तरह चंगुल से छूटे पीड़ित ने रातीबड़ पुलिस थाने पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए पीड़ित का शासकीय हमीदिया अस्पताल में मेडिकल परीक्षण कराया।
- चोटों के निशान मिले: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टरों द्वारा की गई मेडिकल जांच रिपोर्ट में पीड़ित विपेंद्र के चेहरे, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोट और घसीटे जाने के विज़िबल (साफ) निशान पाए गए हैं।
- इन धाराओं में केस दर्ज: पुख्ता मेडिकल साक्ष्यों और लिखित शिकायत के आधार पर रातीबड़ पुलिस ने आरोपी क्रिकेटर शशांक सिंह, पूर्व आईपीएस शैलेश सिंह और ड्राइवर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है:
| दर्ज की गई धाराएं (BNS) | अपराध का विवरण |
| धारा 296(B) | अश्लील कृत्य और सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज करना। |
| धारा 115(2) | स्वेच्छा से किसी को चोट पहुंचाना या शारीरिक नुकसान करना। |
| धारा 3(5) | संयुक्त आपराधिक दायित्व (सामान्य इरादे से कई लोगों द्वारा मिलकर किया गया अपराध)। |
हाई-प्रोफाइल मामला, पुलिस फूंक-फूंक कर रख रही कदम
चूंकि मामला आईपीएल के एक नामी ऑलराउंडर खिलाड़ी (जिन्होंने आईपीएल 2026 में भी पंजाब किंग्स के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं) और विभाग के ही एक पूर्व शीर्ष पुलिस अधिकारी से जुड़ा हुआ है, इसलिए भोपाल पुलिस बेहद सतर्कता बरत रही है।
रातीबड़ थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया, “मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पीड़ित का बयान और मेडिकल रिपोर्ट हमारे पास है। बंगले के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कानून सबके लिए बराबर है, निष्पक्ष जांच के बाद जल्द ही आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” इस मामले पर फिलहाल शशांक सिंह या उनके पिता शैलेश सिंह की तरफ से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भोपाल के इस हाई-प्रोफाइल मामले की पुलिसिया कार्रवाई, शशांक सिंह के पक्ष और कोर्ट
