स्थान: कराकस / ला गुआरा
दिनांक: 29 जून, 2026
अंतरराष्ट्रीय डेस्क, कराकस:
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में पिछले 125 वर्षों के सबसे भीषण जुड़वां (Twin) भूकंप के बाद स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है। बीती रात वेनेजुएला के केंद्रीय तटीय क्षेत्र और ला गुआरा में 4.1 तीव्रता के एक और नए झटके (Aftershock) ने तबाही के मलबे पर खड़े लोगों की दहशत को और बढ़ा दिया है। राष्ट्रीय असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को आए 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो लगातार भूकंपों के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,430 हो गई है।
आधिकारिक रूप से 3,238 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जबकि विभिन्न प्रांतों और आपदा क्षेत्रों से परिवारों द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 51,000 से अधिक लोग अब भी लापता (Missing) बताए जा रहे हैं।
मलबे के ढेर पर रोते-बिलखते नागरिक; हाथों में बेलचे लेकर खुद कर रहे खुदाई
वेनेजुएला के सबसे बुरी तरह प्रभावित तटीय राज्य ला गुआरा (La Guaira) और राजधानी कराकस की तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। सरकार और स्थानीय प्रशासन के पास पर्याप्त आधुनिक मशीनें और प्रशिक्षित बल न होने के कारण राहत कार्य बेहद सुस्त गति से चल रहा है, जिससे जनता का गुस्सा चरम पर है।
- अपनों की तलाश में जुटे आम लोग: ढही हुई गगनचुंबी इमारतों और रिहायशी कॉलोनियों के मलबे पर सेना या फायर ब्रिगेड से पहले स्थानीय नागरिक खुद मोर्चा संभाले हुए हैं। लोग अपने हाथों, रस्सियों और साधारण बेलचों (Shovels) की मदद से कंक्रीट के भारी-भरकम स्लैब हटा रहे हैं ताकि मलबे के नीचे दबे अपने बच्चों और परिजनों को जिंदा निकाल सकें।
- अब तक 430 आफ्टरशॉक्स: वैज्ञानिकों के अनुसार, बुधवार के मुख्य भूकंप के बाद से अब तक 430 से अधिक हल्के और मध्यम झटके आ चुके हैं, जिससे बची-खुची कमजोर इमारतें भी भरभरा कर गिर रही हैं।
लाखों लोगों के सिर से छिनी छत; संयुक्त राष्ट्र ने जताई बड़ी मानवीय संकट की आशंका
संयुक्त राष्ट्र की मानवीय एजेंसी (OCHA) और प्रवासन संगठन (IOM) ने वेनेजुएला के मौजूदा हालात को इस दशक की सबसे बड़ी मानवीय त्रासदियों में से एक बताया है।
67 लाख से अधिक लोग प्रभावित:
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस भूकंप के कारण देश की 67.6 लाख (6.76 Million) आबादी सीधे तौर पर प्रभावित हुई है। हजारों परिवार बेघर होकर सड़कों पर रात गुजारने को मजबूर हैं। देश के 91 बड़े इमरजेंसी अस्पताल भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में स्थित हैं, जिनमें से कई की अपनी इमारतें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बिजली, पानी, संचार सेवा और ट्रांसपोर्ट पूरी तरह ठप होने के कारण घायलों के ऑपरेशन और मर्चुरी (शवगृह) की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
भारत ने मदद के लिए बढ़ाया हाथ, शुरू किया ‘ऑपरेशन अमिटाड’ (Op Amistad)
इस महा-संकट की घड़ी में वैश्विक बिरादरी वेनेजुएला की मदद के लिए आगे आई है। दुनिया के 21 से अधिक देशों के खोजी और बचाव दल (Search and Rescue Teams) वहां पहुंच चुके हैं।
भारत सरकार ने भी संकटग्रस्त वेनेजुएला की मदद के लिए त्वरित कदम उठाते हुए ‘ऑपरेशन अमिटाड’ (Operation Amistad) लॉन्च किया है। इसके तहत भारत ने बड़े पैमाने पर जीवन रक्षक दवाएं, सर्जिकल उपकरण, राहत सामग्री, टेंट और मेडिकल टीमें रवाना कर दी हैं। वहीं, अमेरिकी सेना के सी-17 (C-17) मालवाहक विमान ला गुआरा स्थित सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के एकमात्र चालू रनवे पर उतरकर लगातार सहायता सामग्री पहुंचा रहे हैं। मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश में अब खोजी कुत्तों (96 Search Dogs) की भी मदद ली जा रही है, लेकिन जैसे-जैसे समय बीत रहा है, मलबे में दबे लोगों के जिंदा बचने की उम्मीदें भी धुंधली पड़ती जा रही हैं।
