दिनांक: 24 जून, 2026
अंतरराष्ट्रीय डेस्क, न्यूयॉर्क:
अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर का दिल कहे जाने वाले और दुनिया के सबसे व्यस्ततम चौराहों में शुमार ‘टाइम्स स्क्वायर’ (Times Square) पर रविवार को एक अद्भुत और विहंगम दृश्य देखने को मिला। चमचमाती डिजिटल स्क्रीन्स, गगनचुंबी इमारतों और गाड़ियों के शोर के बीच हजारों लोगों ने चटाइयां (योग मैट) बिछाईं और पूरा परिसर ‘ॐ’ के पावन उच्चारण से गूंज उठा।
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Day of Yoga) के उपलक्ष्य में न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास (Indian Consulate) ने ‘टाइम्स स्क्वायर एलायंस’ के सहयोग से भव्य योग सत्र का आयोजन किया। इस बार की थीम “योगा फॉर हेल्दी एजिंग” (Yoga for Healthy Ageing – स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग) रखी गई थी। इस मेगा इवेंट में भाग लेने के लिए विभिन्न देशों, नस्लों और समुदायों के 12,000 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया और एक साथ आकर भारत की इस प्राचीन धरोहर का अभ्यास किया।
ग्लोबल मंच पर भारत की ‘सॉफ्ट पावर’ का प्रदर्शन, राजनयिकों का जमावड़ा
भारतीय वाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल आम अमेरिकी नागरिक और भारतीय प्रवासी (डायरपोरा) शामिल हुए, बल्कि वैश्विक कूटनीति की बड़ी झलक भी देखने को मिली। संयुक्त राष्ट्र (UN) में तैनात कई देशों के वरिष्ठ राजनयिकों, राजदूतों और विदेशी अधिकारियों ने इस कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत की।
न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्य दूत (Consul General) बिनया प्रधान ने इस अवसर पर कहा:
“टाइम्स स्क्वायर पर योग का यह आयोजन अब एक वैश्विक परंपरा बन चुका है। इस साल 12,000 से अधिक लोगों का जुटना यह दर्शाता है कि योग किस तरह अमेरिकी समाज और यहां के लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। विभिन्न देशों के राजनयिकों की उपस्थिति यह साबित करती है कि योग वसुधैव कुटुंबकम (पूरी दुनिया एक परिवार है) की भावना को चरितार्थ कर रहा है।”
पीएम मोदी के योग गुरु डॉ. एच.आर. नागेंद्र ने कराया विशेष ध्यान सत्र
इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के मुख्य आकर्षण बेंगलुरु की एस-व्यास (S-VYASA) यूनिवर्सिटी के चांसलर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निजी योग गुरु पद्मश्री डॉ. एच. आर. नागेंद्र रहे। उन्होंने टाइम्स स्क्वायर के साथ-साथ इंडियन कॉन्सुलेट में भी आयोजित विशेष सत्रों का नेतृत्व किया।
- स्वस्थ जीवन का मंत्र: डॉ. नागेंद्र ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि योग केवल एक प्राचीन शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह आधुनिक विज्ञान को शरीर से परे मन, प्राण और बुद्धि के संतुलन को समझने की दिशा दिखाता है।
- बढ़ती उम्र के लिए प्राणायाम: उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, शरीर में कैटाबॉलिक (क्षयकारी) प्रक्रियाएं तेज हो जाती हैं। विशेष प्राणायाम और ध्यान के जरिए इस प्रक्रिया को धीमा किया जा सकता है, जिससे मनुष्य लंबे समय तक सक्रिय और निरोग रह सकता है।
“अराजकता के बीच मिली असीम शांति” — प्रतिभागियों का अनुभव
दिनभर चले इस कार्यक्रम में कुल सात अलग-अलग योग और ध्यान सत्र आयोजित किए गए, जो सुबह 7:30 बजे से ही शुरू हो गए थे। आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन समेत कई प्रमुख योग संस्थानों के ट्रेनर्स ने लोगों को कठिन आसनों को बेहद सरलता से करना सिखाया।
कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए एक अमेरिकी नागरिक ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “टाइम्स स्क्वायर हमेशा भीड़ और भागदौड़ से भरा रहता है। लेकिन इस हलचल के बीच हजारों लोगों के साथ आँखें बंद करके प्राणायाम करना और शांति महसूस करना एक जादुई और अकल्पनीय अनुभव था।”
