दिनांक: 22 जून, 2026
पश्चिम बंगाल के हुगली जिले से एक बेहद सनसनीखेज और हाई-वोल्टेज ड्रामे की खबर सामने आई है। तारकेश्वर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हा राय के खिलाफ स्थानीय जनता का गुस्सा इस कदर फूटा कि पुलिस कस्टडी में ही उन पर अंडों से हमला कर दिया गया।
हुगली जिला पुलिस की एक विशेष टीम जब आरोपी पूर्व विधायक को कर्नाटक के बेलगावी (बेलगांव) से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर धानियाखाली थाने लेकर पहुंची, तो वहां पहले से ही घात लगाए बैठी आक्रोशित भीड़ ने उन्हें घेर लिया। भीड़ ने न सिर्फ पूर्व विधायक पर ताबड़तोड़ अंडे बरसाए, बल्कि उनके खिलाफ ‘चोर-चोर’ के गगनभेदी नारे भी लगाए।
सरकारी राहत सामग्री चोरी और अवैध हथियार चमकाने का है आरोप
हुगली ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर भूषण सिंह ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हा राय के खिलाफ यह पूरी कार्रवाई एक गंभीर आपराधिक मामले के तहत की गई है:
- लॉड शेडिंग का उठाया फायदा: बीती 11 जून की शाम करीब 7 बजे, जब धानियाखाली थाना क्षेत्र के कोटालपुर स्थित विवेकानंद टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज में बिजली गुल (लोड शेडिंग) थी, तब पूर्व विधायक अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कॉलेज परिसर से एक मोटर वैन में भारी मात्रा में सरकारी राहत सामग्री (तिरपाल, डस्टबिन, कंबल आदि) अवैध रूप से बाहर भिजवा रहे थे।
- हथियार दिखाकर दी धमकी: जब स्थानीय ग्रामीणों और भाजपा समर्थकों ने इस संदिग्ध गतिविधि को देखा, तो उन्होंने गाड़ी को रोककर कड़ा विरोध दर्ज कराया। खुद को घिरता देख पूर्व विधायक रामेंदु सिन्हा राय ने अपनी जेब से अवैध छोटा हथियार (पिस्तौल) निकालकर प्रदर्शनकारियों को जान से मारने की धमकी दी और वहां से फरार हो गए।
पुलिस ने अगले दिन 12 जून को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 303(2), 352, 61(2) और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। कॉलेज के दो कमरों से भारी मात्रा में चोरी की गई राहत सामग्री बरामद की गई थी।
कर्नाटक में छिपे थे नेताजी, पुलिस ने दबोचा
मामला दर्ज होने के बाद से ही पूर्व विधायक गिरफ्तारी से बचने के लिए राज्य छोड़कर भाग गए थे। हुगली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से उनका पीछा किया और रविवार सुबह कर्नाटक के बेलगावी से उन्हें और उनके एक सहयोगी को धर दबोचा। वहां की स्थानीय अदालत से ट्रांजिट रिमांड हासिल करने के बाद पुलिस टीम रविवार देर शाम उन्हें लेकर बंगाल पहुंची थी।
बंगाल में थम नहीं रहा ‘एग ट्रीटमेंट’ का दौर
थाने के बाहर हुई इस घटना पर भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने चुटकी लेते हुए इसे ‘जनता का गुस्सा’ और ‘अंडे वाली डेमोक्रेसी’ करार दिया है। गौरतलब है कि पिछले डेढ़ महीने में बंगाल के भीतर भ्रष्टाचार और धांधली के आरोपी टीएमसी नेताओं पर जनता द्वारा अंडे फेंकने का यह छठा बड़ा मामला है। इससे पहले कुणाल घोष और अभिषेक बनर्जी जैसे शीर्ष नेताओं को भी ऐसे ही विरोध का सामना करना पड़ा था।
फिलहाल, पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद पूर्व विधायक को भीड़ से बचाया और सुरक्षा घेरे में लेकर कोर्ट में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। इलाके में तनाव को देखते हुए थाने के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
