स्वच्छता का ‘अनोखा’ फर्जीवाड़ा: मंत्री के बंगले में मिला ‘खाते-पीते घर का सांप’, अध्यक्ष ने सरकारी कार्यालय का AC अपने घर में लगवाया

दिनांक: 5 जून, 2026

भोपाल: स्वच्छता रैंकिंग में अव्वल आने की होड़ में सरकारी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनाए जा रहे तौर-तरीके अब चर्चा का विषय बन गए हैं। ताजा मामला सामने आया है जहाँ स्वच्छता के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े ने सबको चौंका दिया है। एक ओर जहाँ मंत्री के बंगले में ‘खाते-पीते घर का सांप’ (मोटा और स्वस्थ सांप) मिलने से हड़कंप मच गया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निकाय अध्यक्ष द्वारा दफ्तर का AC अपने घर में लगवा लेने का मामला सुर्खियां बटोर रहा है।

मंत्री के बंगले में सांप का ‘VIP’ स्वागत

स्वच्छता अभियान के तहत शहर के कई इलाकों में सफाई अभियान जोरों पर है। इसी बीच, एक मंत्री के सरकारी बंगले में उस समय सनसनी फैल गई जब वहां एक बेहद मोटा और स्वस्थ सांप (जिसे स्थानीय लोग ‘खाते-पीते घर का’ सांप कह रहे हैं) पाया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बंगले के आसपास की झाड़ियों और कचरे के ढेरों में नियमित सफाई न होने के कारण यह सांप वहां अपना ठिकाना बना चुका था। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन पर ‘वीआईपी’ इलाकों में भी सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

अध्यक्ष का ‘कूल’ कारनामा: ऑफिस का AC घर में शिफ्ट

एक तरफ प्रशासन स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका अध्यक्ष का एक ‘अजीबोगरीब’ कारनामा सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ कि जो एयर कंडीशनर (AC) सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों के लिए लगाया गया था, उसे अध्यक्ष महोदय ने बिना किसी अनुमति के अपने निजी आवास पर लगवा लिया। इस खुलासे के बाद विपक्ष ने तीखा हमला बोलते हुए इसे ‘सरकारी संपत्ति का निजी दुरुपयोग’ करार दिया है।

रैंकिंग के लिए हो रहा फर्जीवाड़ा?

आरोप है कि स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग पाने के लिए कागजों पर तो सफाई के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है।

  • दस्तावेजों में हेराफेरी: सफाई कर्मचारियों के नाम पर फर्जी उपस्थिति दर्शाकर भुगतान निकालने की शिकायतें बढ़ रही हैं।
  • साधनों का निजी उपयोग: कार्यालयों के लिए आए उपकरण और फर्नीचर का उपयोग अधिकारी अपने घरों की सजावट के लिए कर रहे हैं।
  • फर्जी सफाई अभियान: फोटो खिंचवाने के लिए केवल मुख्य सड़कों पर झाड़ू लगाई जा रही है, जबकि आंतरिक बस्तियों में कचरे के अंबार लगे हैं।

प्रशासनिक हलचल

इस मामले के सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। नगर पालिका अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा गया है और मंत्री के बंगले में मिले सांप की घटना को गंभीरता से लेते हुए पूरे सरकारी आवास क्षेत्र में ‘सघन सफाई अभियान’ चलाने का निर्देश दिया गया है।

क्या यह स्वच्छता रैंकिंग में सुधार का कोई नया तरीका है? यह बड़ा सवाल अब शहर की जनता की जुबां पर है।

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