नई दिल्ली: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक के बीच, भारतीय मौसम विभाग (IMD) की ‘INSAT सैटेलाइट इमेजरी’ मानसून की गति और बादलों के स्वरूप को समझने का सबसे शक्तिशाली साधन बन गई है। यदि आप भी यह समझना चाहते हैं कि मानसून के बादल कैसे आगे बढ़ रहे हैं और आपके क्षेत्र में बारिश की क्या संभावना है, तो आप IMD के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।
बादलों को ट्रैक करने के लिए इन 3 चरणों का पालन करें:
- IMD सैटेलाइट पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले IMD की आधिकारिक वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर जाएं। यहाँ ‘Satellite Services’ सेक्शन पर क्लिक करें।
- सही ‘चैनल’ चुनें: मानसून की गतिविधियों को बारीकी से समझने के लिए यहाँ तीन मुख्य विकल्प मिलते हैं:
- Infrared-1 (IR): यह दिन और रात दोनों समय काम करता है। इसमें सफेद रंग के घने बादल यानी ‘कोल्ड एरिया’ (Cold Area) अधिक ऊंचाई और भारी बारिश वाले बादलों को दर्शाते हैं। काले रंग के हिस्से गर्म सतह या कम ऊंचाई वाले बादलों को दिखाते हैं।
- Visible Channel: यह केवल दिन के समय सक्रिय होता है और बादलों की बनावट को स्पष्ट रूप से देखने में मदद करता है।
- Water Vapour: यह बादलों के बीच नमी (Moisture) की मात्रा को ट्रैक करता है, जो मानसून के प्रसार को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
- एनिमेशन का उपयोग करें: वेबसाइट पर मौजूद ‘Animations’ फीचर का उपयोग करें। यह आपको पिछले कुछ घंटों के बादलों की गति को देखने की अनुमति देता है, जिससे आप आसानी से समझ सकते हैं कि मानसून का रुख किस दिशा में है।
मानसून 2026: क्या कहती है सैटेलाइट रिपोर्ट?
IMD के नवीनतम डेटा के अनुसार, मानसून की सक्रियता अरब सागर के ऊपर बढ़ रही है। सैटेलाइट इमेजरी में केरल के तट पर ‘डीप कन्वेक्टिव क्लाउड्स’ (Deep Convective Clouds) का बढ़ना इस बात का संकेत है कि मानसून अगले 24 घंटों में वहां पूरी तरह से प्रवेश कर जाएगा।
आम नागरिक के लिए क्यों जरूरी है यह?
- सटीक जानकारी: आप खुद देख सकते हैं कि आपके क्षेत्र में बादल घने हो रहे हैं या नहीं।
- सतर्कता: भारी बारिश या तूफान की स्थिति में आप समय रहते सतर्क हो सकते हैं।
- पारदर्शिता: यह तकनीक मानसून की वास्तविक प्रगति को समझने में मदद करती है।
विशेषज्ञ सलाह: मौसम विभाग का कहना है कि इमेजरी को देखते समय ‘क्लाउड टॉप ब्राइटनेस टेम्परेचर’ (Cloud Top Brightness Temp) को देखना चाहिए, क्योंकि कम तापमान वाले बादल (जो गहरे रंग या चमक के साथ दिखते हैं) मानसून के सबसे सक्रिय और भारी बारिश वाले हिस्से होते हैं।
