नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2026: भारतीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ियों ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत इतनी शानदार की कि उनसे लंबे समय तक बड़ी उम्मीदें जुड़ गईं। पृथ्वी शॉ भी उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल हैं। 6 अक्टूबर 2018 को राजकोट में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करते हुए उन्होंने 134 रन की शानदार पारी खेली थी। उस समय वह टेस्ट डेब्यू पर शतक लगाने वाले सबसे युवा भारतीय बल्लेबाज बने थे।
18 साल की उम्र में डेब्यू और शतक
पृथ्वी शॉ ने 4 अक्टूबर 2018 को वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया था। उस समय उनकी उम्र 18 साल 329 दिन थी।
डेब्यू की पहली पारी में शॉ ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 154 गेंदों पर 134 रन बनाए। उनकी पारी में 19 चौके शामिल थे। उन्होंने चेतेश्वर पुजारा के साथ 206 रनों की साझेदारी भी की।
शॉ ने अपना शतक सिर्फ 99 गेंदों में पूरा किया था। यह टेस्ट डेब्यू पर किसी बल्लेबाज के तेज शतकों में शामिल रहा।
भारत ने पारी और 272 रन से जीता था मैच
राजकोट टेस्ट में सिर्फ पृथ्वी शॉ ही नहीं, बल्कि भारतीय बल्लेबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। विराट कोहली ने 139 रन बनाए, जबकि रवींद्र जडेजा ने टेस्ट करियर का अपना पहला शतक लगाया।
भारत ने पहली पारी 649/9 घोषित की थी। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम पहली पारी में 181 और दूसरी पारी में 196 रन पर सिमट गई। भारत ने मुकाबला एक पारी और 272 रन से जीत लिया। शॉ को उनके डेब्यू प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
शुरुआत के बाद करियर की दिशा बदली
डेब्यू के बाद शॉ को भारतीय क्रिकेट के भविष्य के प्रमुख बल्लेबाजों में देखा जाने लगा था। हालांकि, वह लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय टीम में अपनी जगह कायम नहीं रख सके।
उन्होंने भारत के लिए कुल 5 टेस्ट मैच खेले। बाद में उनका नाम नियमित टीम संयोजन से बाहर होता गया।
2026 में भी शॉ भारतीय टीम में वापसी के लिए घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में प्रदर्शन के जरिए अपनी दावेदारी पेश करते रहे हैं। मार्च 2026 में उन्होंने कहा था कि वह टीम इंडिया में वापसी के लक्ष्य के साथ पहले से ज्यादा मेहनत कर रहे हैं।
टीम इंडिया में वापसी का इंतजार
पृथ्वी शॉ के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी आसान नहीं रही है। भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए उन्हें लगातार घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करना होगा।
उनके करियर की सबसे बड़ी पहचान आज भी वही ऐतिहासिक टेस्ट डेब्यू है, जिसमें उन्होंने महज 18 साल की उम्र में शतक लगाया था। लेकिन उसके बाद उनका अंतरराष्ट्रीय करियर उस शुरुआती प्रदर्शन के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया।
आज भी याद है राजकोट का वो शतक
4 अक्टूबर 2018 को राजकोट में शॉ ने जिस अंदाज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की थी, वह भारतीय क्रिकेट के यादगार डेब्यू में गिना जाता है। उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और 99 गेंदों में शतक पूरा किया।
आठ साल बाद जब भारतीय टीम के मौजूदा सेटअप की बात होती है, तो शॉ का नाम नियमित खिलाड़ियों की सूची में नहीं है। हालांकि, 2026 में भी वह वापसी की कोशिश कर रहे हैं।
