दिनांक: 8 जून, 2026
भोपाल: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की रिक्त सीटों के लिए होने वाले चुनाव में सरगर्मियां अपने चरम पर हैं। नामांकन दाखिल करने के अंतिम दौर में भाजपा ने एक बड़ा दांव चलते हुए महेश केवट को अपना तीसरा उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जिससे चुनावी समीकरणों में अचानक हलचल मच गई है। अब कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन और भाजपा के महेश केवट के बीच तीसरी सीट के लिए मुकाबला सीधा होता दिख रहा है।
बीजेपी के पास संख्या बल की चुनौती
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, भाजपा के पास अपनी पहली दो सीटें आसानी से जीतने के बाद तीसरी सीट के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं है। जानकारों का कहना है कि तीसरी सीट पर जीत हासिल करने के लिए भाजपा को अभी भी 10 अतिरिक्त वोटों की दरकार है। इस अंतर को पाटने के लिए बीजेपी खेमे में बैठकों का दौर जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर देर रात तक हुई बैठकों में रणनीति को अंतिम रूप दिया गया, जिसके बाद महेश केवट के नाम पर मुहर लगाई गई।
कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का डर
दूसरी ओर, अपनी एकमात्र सीट सुरक्षित मान रही कांग्रेस खेमे में भी बेचैनी साफ देखी जा सकती है। पार्टी को अपनी सीटों के अलावा ‘क्रॉस वोटिंग’ (पार्टी लाइन से हटकर मतदान) का गहरा डर सता रहा है। भाजपा की इस आक्रामक रणनीति ने कांग्रेस के रणनीतिकारों को सतर्क कर दिया है, क्योंकि तीसरी सीट के लिए महेश केवट का नामांकन यह संकेत देता है कि बीजेपी ने किसी बड़ी टूट-फूट या क्रॉस वोटिंग की तैयारी कर रखी है।
विधायकों के लिए व्हिप और सतर्कता
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भाजपा ने अपने सभी विधायकों को भोपाल में ही रहने के सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद विधायकों के साथ संवाद कर एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया है। इस चुनाव में अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बीजेपी अपने 10 वोटों के अंतर को पाट पाएगी, या कांग्रेस अपनी घेराबंदी मजबूत रखने में सफल होगी।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब राजनीतिक दल अपने-अपने वोट बैंक को सुरक्षित करने की कवायद में जुट गए हैं। राज्यसभा की यह तीसरी सीट अब प्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा ‘हॉटस्पॉट’ बन गई है।
