16 अप्रैल 2026
Madhya Pradesh के शिवपुरी जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बीजेपी विधायक के बेटे पर तेज रफ्तार थार SUV से 5 लोगों को टक्कर मारने का आरोप लगा है। घटना के बाद आरोपी का बयान और वायरल वीडियो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है।
सुबह-सुबह हुआ हादसा
यह घटना गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे Shivpuri जिले के करेरा थाना क्षेत्र में हुई। आरोप है कि पिचौर से बीजेपी विधायक Pritam Lodhi के बेटे Dinesh Lodhi ने अपनी थार SUV से सड़क पर जा रहे लोगों को पीछे से टक्कर मार दी।
हादसे में तीन युवक, जो मोटरसाइकिल पर सवार थे, और दो महिलाएं, जो पैदल चल रही थीं, गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घायलों की पहचान और स्थिति
घायलों की पहचान संजय परिहार, आशीष परिहार, अंशुल परिहार, सीता वर्मा और पूजा सोनी के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि तीनों युवक काम के सिलसिले में थानरा गांव जा रहे थे, जबकि दोनों महिलाएं सड़क पर पैदल चल रही थीं।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि सभी घायल सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनके सिर, हाथ-पैर और कंधों में चोटें बताई गई हैं।
“सायरन बजा रहा था, हटे क्यों नहीं?” — आरोपी का विवादित बयान
घटना के बाद सामने आए एक वायरल वीडियो में आरोपी दिनेश लोधी घायलों और मौजूद लोगों से बहस करता दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह कहते सुना गया—
“जब मैं सायरन बजा रहा था, तो तुम लोग हटे क्यों नहीं?”
इतना ही नहीं, उसने वीडियो बना रहे लोगों को भी धमकी दी—
“वीडियो मत बनाओ, बेटा।”
इस बयान को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है और इसे सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण माना जा रहा है।
गाड़ी पर लिखा था ‘MLA’
प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों के अनुसार, जिस थार SUV से हादसा हुआ, उस पर आगे और पीछे “प्रीतम लोधी” और “MLA” लिखा हुआ था, जिससे यह मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद Madhya Pradesh Police ने करेरा थाने में FIR दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
विधायक का बयान
इस पूरे मामले पर विधायक प्रीतम लोधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“एक विधायक के लिए जनता पहले आती है, परिवार नहीं। पीड़ितों को न्याय मिलना चाहिए और कानून अपना काम करेगा।”
निष्कर्ष
शिवपुरी की यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और सत्ता से जुड़े लोगों के व्यवहार पर सवाल खड़े करती है। वायरल वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के आरोपों के बाद अब सबकी नजर पुलिस जांच पर है कि क्या इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई हो पाएगी या नहीं।
