नई दिल्ली | 29 जनवरी 2026
7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए रोहित ने कप्तान सूर्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर को एक ऐसी चुनौती के बारे में बताया है जो मैच का पासा पलट सकती है।
1. ओस (Dew Factor): सबसे बड़ी सिरदर्दी
रोहित शर्मा ने एक हालिया इंटरव्यू में कहा कि फरवरी और मार्च के महीने में भारत में ठंड खत्म हो रही होती है, जिससे शाम के समय मैदान पर भारी ओस गिरती है।
- 95% मैदानों पर खतरा: रोहित के अनुसार, “भारत के 90-95 फीसदी मैदानों पर ओस का असर रहता है। अगर रात में ओस गिरती है, तो स्पिनरों के लिए गेंद को ग्रिप करना नामुमकिन हो जाता है।”
- मुंबई-दिल्ली में मुश्किल: उन्होंने बताया कि मुंबई जैसे तटीय शहरों में भी इस दौरान ओस का बहुत प्रभाव रहता है, जो टॉस की भूमिका को और भी अहम बना देगा।
2. प्लेइंग इलेवन का पेच: कुलदीप या वरुण?
रोहित ने टीम मैनेजमेंट के सामने एक तकनीकी संकट की ओर भी इशारा किया है:
- दो स्पिनरों का रिस्क: रोहित ने कहा कि कप्तान सूर्या और कोच गंभीर के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि क्या वे कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिला सकते हैं?
- बैलेंस की कमी: अगर टीम तीन स्पिनरों (अक्षर, कुलदीप, वरुण) के साथ उतरती है, तो उसे एक तेज गेंदबाज की कुर्बानी देनी होगी, जो ओस वाली परिस्थिति में खतरनाक साबित हो सकता है। क्योंकि गीली गेंद के साथ तेज गेंदबाज फिर भी यॉर्कर डाल सकते हैं, लेकिन स्पिनर बेअसर हो जाते हैं।
3. ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘इम्पैक्ट’ पर जोर
रोहित ने अपनी सलाह में दो खिलाड़ियों को टीम की कामयाबी की कुंजी बताया:
सक्सेस का मंत्र: रोहित ने साफ़ किया कि वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में रनों से ज्यादा ‘इम्पैक्ट’ (प्रभाव) मायने रखता है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे “चुपचाप अपनी गेंद डालें और हर गेंद पर अपील करने के बजाय खेल पर ध्यान दें।” नहीं लेंगे।”
हार्दिक और अर्शदीप: रोहित का मानना है कि हार्दिक पंड्या का ऑलराउंड प्रदर्शन और अर्शदीप सिंह की डेथ ओवर्स में गेंदबाजी टीम इंडिया के लिए ‘ब्रह्मास्त्र’ साबित होगी।

