02 मार्च 2026
नई दिल्ली से जारी बयान में कांग्रेस ने ईरान पर हुए संयुक्त अमेरिका–इजरायल हमलों की कड़ी निंदा करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का कहना है कि इस मुद्दे पर भारत की ओर से स्पष्ट और ठोस रुख सामने न आना चिंताजनक है और इससे देश के सिद्धांतों व रणनीतिक हितों पर असर पड़ सकता है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया अस्पष्ट रही है, जबकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा प्रभाव ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार मार्गों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ सकता है। पार्टी का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय संकटों में संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति भारत की पहचान रही है, लेकिन मौजूदा रुख इस परंपरा से अलग दिखता है।
पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने बयान जारी कर मध्यपूर्व क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई और सरकार से तत्काल निकासी योजना बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि संघर्ष बढ़ने की स्थिति में हजारों भारतीयों की जान खतरे में पड़ सकती है, इसलिए सरकार को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित वापसी की रणनीति घोषित करनी चाहिए।
कांग्रेस ने सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर निशाना साधते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में संतुलित संवाद और स्पष्ट कूटनीतिक संदेश जरूरी होते हैं। पार्टी का आरोप है कि वर्तमान नीति में पारदर्शिता की कमी है और इससे भारत की वैश्विक छवि प्रभावित हो सकती है।
हालांकि सरकार की ओर से इस बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विदेश नीति को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव भारत के लिए रणनीतिक चुनौती है, क्योंकि इस क्षेत्र से ऊर्जा आपूर्ति, प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा और व्यापारिक हित सीधे जुड़े हुए हैं।
समग्र तस्वीर: ईरान पर हमले के मुद्दे ने देश की आंतरिक राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्ष सरकार से स्पष्ट नीति बयान की मांग कर रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम इस बहस को और तेज कर सकते हैं। बात पर रहेगी कि इस कार्यक्रम से निकलने वाला संदेश राष्ट्रीय राजनीति में कितना असर डालता है।
