लखनऊ। 11 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट विधानसभा में पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सुबह 11 बजे बजट भाषण शुरू किया। यह योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है और इसका आकार 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है, जिसे राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। चुनाव से पहले पेश किए गए इस बजट को राजनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बजट में युवाओं को ध्यान में रखते हुए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। सरकार ने लगभग 40 लाख युवाओं को टैबलेट देने की योजना की घोषणा की है, वहीं राज्य में 10 लाख रोजगार अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य भी रखा गया है। इन घोषणाओं को युवाओं और छात्रों को साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब प्रदेश चुनाव की ओर बढ़ रहा है।
बजट पेश होने से पहले सुबह कैबिनेट बैठक में प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद वित्त मंत्री ने विधानसभा में बजट का विवरण प्रस्तुत किया। सरकार का कहना है कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में विकास की रफ्तार तेज करना, निवेश को बढ़ावा देना और रोजगार सृजन के नए अवसर तैयार करना है। सड़क, एक्सप्रेसवे, औद्योगिक परियोजनाओं, डिजिटल सेवाओं और ग्रामीण विकास पर खर्च बढ़ाने की दिशा में विशेष प्रावधान किए जाने की बात कही गई है।
बजट पेश होने के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर 1 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बजट की प्रमुख बातें और सरकार की प्राथमिकताएं बताएंगे, जबकि दोपहर 2 बजे समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव विपक्ष का पक्ष रखेंगे। इससे साफ है कि बजट को लेकर सियासी बयानबाज़ी और विश्लेषण आने वाले दिनों में तेज रहने वाला है।
कुल मिलाकर, यह बजट केवल वित्तीय दस्तावेज नहीं बल्कि चुनाव से पहले सरकार की नीति दिशा का संकेत भी माना जा रहा है। युवाओं, किसानों, महिलाओं और बुनियादी ढांचे पर फोकस यह दर्शाता है कि सरकार विकास और कल्याण दोनों मोर्चों पर अपनी उपलब्धियों और योजनाओं को सामने रखना चाहती है। अब ध्यान इस बात पर रहेगा कि इन घोषणाओं का जमीन पर क्रियान्वयन कितना प्रभावी ढंग से हो पाता है।

