कश्मीर में सर्दियों में ही पड़ी असामान्य गर्मी, IMD ने दी भीषण गर्मी और हीटवेव की चेतावनी

18 मार्च 2026

भारत में जलवायु परिवर्तन के असर को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट सामने आई है। क्लाइमेट सेंट्रल की 18 मार्च 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, सर्दियों के दौरान श्रीनगर देश का सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहा, जहां असामान्य रूप से अधिक तापमान दर्ज किया गया। वहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आने वाले महीनों में सामान्य से अधिक गर्मी और हीटवेव की चेतावनी दी है।

सर्दियों में ही ‘खतरनाक गर्मी’ का असर

रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच श्रीनगर में करीब 60 दिन ‘रिस्की हीट’ दर्ज की गई, जो सामान्य से काफी ज्यादा है।

फरवरी महीने में यहां तापमान 9 से 10 डिग्री सेल्सियस तक सामान्य से अधिक रहा, जिससे बर्फ जल्दी पिघलने लगी और क्षेत्र में सर्दियों का संतुलन बिगड़ गया।

जलवायु परिवर्तन मुख्य कारण

रिपोर्ट में बताया गया है कि इस असामान्य गर्मी के पीछे मानव-जनित जलवायु परिवर्तन एक बड़ा कारण है।

भारत में सर्दियों के दौरान सामान्य वर्षा की कमी और कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने भी तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

IMD ने दी गर्मी बढ़ने की चेतावनी

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, मार्च से मई 2026 के बीच देश में हीटवेव के दिनों की संख्या सामान्य से अधिक रह सकती है।

खास तौर पर उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में इसका ज्यादा असर देखने को मिल सकता है।

पहाड़ी इलाकों पर भी खतरा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस बार हिमालय और पश्चिमी घाट जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भी सामान्य से अधिक गर्मी पड़ सकती है।

इससे बर्फ तेजी से पिघलने, जल संकट और सूखे जैसी समस्याएं बढ़ने की आशंका है।

पहले से दिखने लगे असर

मार्च 2026 की शुरुआत में ही कई शहरों, जैसे दिल्ली, में तापमान सामान्य से 4 से 8 डिग्री अधिक दर्ज किया जा चुका है, जो आने वाले समय के लिए चिंता का संकेत है।

तेजी से बदल रहा मौसम पैटर्न

रिपोर्ट के अनुसार, अब वे इलाके भी गर्मी की चपेट में आ रहे हैं, जो पहले ठंडे माने जाते थे। इससे यह साफ होता है कि जलवायु परिवर्तन का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है और इसका असर व्यापक स्तर पर दिखाई दे रहा है।

निष्कर्ष: क्लाइमेट सेंट्रल की रिपोर्ट और IMD की चेतावनी इस बात का संकेत है कि भारत में मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। सर्दियों में बढ़ती गर्मी और आने वाली हीटवेव की आशंका ने पर्यावरण और जनजीवन दोनों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।