24 मार्च 2026
देश में प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में जानकारी दी कि 2022 से लागू एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) नियमों के तहत अब तक 20.7 मिलियन टन प्लास्टिक पैकेजिंग कचरे को रीसायकल किया जा चुका है।
EPR पोर्टल पर बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन
सरकार द्वारा बनाए गए सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन EPR पोर्टल पर:
- 60,128 प्रोड्यूसर, इंपोर्टर और ब्रांड ओनर रजिस्टर्ड हैं
- 3,012 प्लास्टिक वेस्ट प्रोसेसर भी पंजीकृत हैं
यह सिस्टम प्लास्टिक कचरे के संग्रह और रीसायकल प्रक्रिया को ट्रैक करने में मदद करता है।
नियमों का पालन न करने वालों पर सख्ती
EPR नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने कई कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं।
- 25 नवंबर 2024
- 30 दिसंबर 2024
- 11 मार्च 2026
इन नोटिसों में उन कंपनियों को चेतावनी दी गई है जिन्होंने अपने EPR लक्ष्य पूरे नहीं किए या वित्तीय वर्ष 2022-23 और 2023-24 की वार्षिक रिपोर्ट जमा नहीं की।
पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली
CPCB ने नियमों के उल्लंघन पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति (Environmental Compensation) भी लगाई है।
- 2018 से 2024 के बीच कुल ₹48.42 करोड़ का जुर्माना लगाया गया
- इसमें से ₹47.35 करोड़ की वसूली हो चुकी है
- ₹1.06 करोड़ अभी भी बकाया है
सरकार के अनुसार, यह राशि केस-टू-केस आधार पर तय समय सीमा में जमा कराई जाती है।
अन्य अहम अपडेट
सरकार ने पर्यावरण और विकास से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी जानकारी दी:
- भारत में कुल 29 चीते लाए गए, जिनमें शावकों की जीवित रहने की दर 70% से अधिक है
- देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 524 गीगावॉट पहुंच गई है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा का हिस्सा बढ़ रहा है
- 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है
- कुछ क्षेत्रों में 6.7% भूजल सैंपल में यूरेनियम सुरक्षित सीमा से अधिक पाया गया
- AMRUT योजना के तहत शहरी साइक्लिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार हो रहा है
निष्कर्ष
प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन में यह प्रगति पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, नियमों का सख्ती से पालन और निगरानी जरूरी है ताकि प्लास्टिक प्रदूषण को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सके।
