21 मार्च 2026
केरल के पथानमथिट्टा जिले में स्थित प्रसिद्ध सबरीमला श्री धर्म शास्ता मंदिर वार्षिक मंदिर उत्सव के लिए 22 मार्च को शाम 5 बजे खोला जाएगा। इस दस दिवसीय उत्सव की आधिकारिक शुरुआत 23 मार्च को पारंपरिक कोडियेट्टु (ध्वजारोहण) के साथ होगी, जिसका आयोजन सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच किया जाएगा। यह अनुष्ठान मंदिर के तंत्री कंदरारु महेश मोहनारारु के नेतृत्व में संपन्न होगा।
23 से 31 मार्च तक होंगे मुख्य अनुष्ठान
उत्सव के दौरान मंदिर में प्रतिदिन कई धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। इनमें दोपहर की पूजा के बाद उत्सवबली और शाम की अथाझा पूजा के बाद श्रीभूतबली प्रमुख हैं। ये सभी अनुष्ठान 23 मार्च से 31 मार्च तक नियमित रूप से किए जाएंगे।
पारंपरिक जुलूस और विशेष कार्यक्रम
उत्सव का प्रमुख पारंपरिक आयोजन पल्लीवेट्टा 31 मार्च को आयोजित किया जाएगा। यह जुलूस रात 8:30 बजे मंदिर से शरमकुथी की ओर शांतिपूर्ण ढंग से निकलेगा और लगभग 9:30 बजे मंदिर परिसर में वापस लौटेगा। इस दौरान पारंपरिक मशालों (थीवेट्टी) की रोशनी और मंदिर के वाद्ययंत्रों की ध्वनि वातावरण को आध्यात्मिक बना देगी।
अरट्टु के साथ होगा उत्सव का समापन
उत्सव का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान अरट्टु (पवित्र स्नान) 1 अप्रैल को पंबा नदी में आयोजित किया जाएगा। अरट्टु जुलूस सुबह 9 बजे सन्निधानम से निकलेगा और लगभग 11 बजे पंबा नदी में पवित्र स्नान कराया जाएगा।
इसके बाद शाम 6:30 बजे देवता की प्रतिमा मंदिर में वापस लाई जाएगी और दीपाराधना के बाद रात 9 बजे ध्वज उतारकर उत्सव का समापन किया जाएगा। मंदिर रात 10 बजे बंद कर दिया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश
उत्सव के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- वर्चुअल क्यू सीमा: प्रतिदिन अधिकतम 25,000 श्रद्धालुओं को वर्चुअल क्यू सिस्टम के माध्यम से दर्शन की अनुमति होगी।
- अरट्टु दिवस पर सीमा: 1 अप्रैल को होने वाले अरट्टु के दिन यह संख्या घटाकर 10,000 कर दी जाएगी।
- नेय्याभिषेकम समय: घी अर्पण का विशेष अनुष्ठान सुबह 5:30 से 7:00 बजे के बीच ही किया जाएगा।
- पथिनेट्टम पदी नियम: उत्सव के दूसरे से आठवें दिन तक सुबह 9 बजे के बाद श्रद्धालुओं को पवित्र 18 सीढ़ियों (पथिनेट्टम पदी) पर चढ़ने की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि उस समय उत्सवबली अनुष्ठान किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे से पुनः प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
ऑनलाइन बुकिंग अनिवार्य
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे दर्शन के लिए पहले से ही आधिकारिक वेबसाइट www.sabarimalaonline.org पर जाकर अपने स्लॉट की बुकिंग कर लें, ताकि भीड़ को व्यवस्थित ढंग से नियंत्रित किया जा सके।
निष्कर्ष: सबरीमला मंदिर का वार्षिक उत्सव 23 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल तक चलेगा। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्चुअल क्यू और अन्य नियम लागू किए हैं, ताकि धार्मिक अनुष्ठान सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।

