तमिलनाडु विधानसभा चुनाव: DMK-कांग्रेस में सीट शेयरिंग फाइनल, कांग्रेस 28 सीटों पर लड़ेगी


चेन्नई
| 05 मार्च 2026


तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति बन गई है। समझौते के तहत कांग्रेस राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा में 28 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट देने पर भी सहमति बनी है।

शीर्ष नेताओं की बैठक में हुआ फैसला

यह निर्णय DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन तथा तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई के बीच हुई अहम बैठक में लिया गया। दोनों दलों ने गठबंधन को मजबूत बनाए रखने और भाजपा नीत गठबंधन को चुनौती देने के उद्देश्य से सीटों के तालमेल को अंतिम रूप दिया।

2021 के नतीजों की पृष्ठभूमि

राज्य की 234 सीटों में से 2021 के चुनाव में DMK ने 133 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की थी, जबकि कांग्रेस को 18 सीटों पर सफलता मिली थी। DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस ने कुल 159 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था।

वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को 75 सीटें मिली थीं। उस समय गठबंधन में शामिल AIADMK 66 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी रही थी।

राजनीतिक संदेश

राज्यसभा सीट देने का फैसला कांग्रेस के प्रति DMK की प्रतिबद्धता और गठबंधन की मजबूती का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता विपक्षी मतों के बिखराव को रोकने और सत्तारूढ़ गठबंधन को संगठित रखने की रणनीति का हिस्सा है।

आगे की रणनीति

अब दोनों दल उम्मीदवार चयन और संयुक्त प्रचार अभियान की तैयारी में जुटेंगे। तमिलनाडु की राजनीति में क्षेत्रीय मुद्दे, सामाजिक न्याय, भाषा और केंद्र-राज्य संबंध अहम भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में गठबंधन की रणनीति इन मुद्दों को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही है।

निष्कर्ष: सीट शेयरिंग के इस समझौते के साथ ही तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। आने वाले दिनों में अन्य दलों की रणनीति और गठबंधन समीकरणों पर भी सबकी नजर रहेगी।