नई दिल्ली | 30 अक्टूबर 2026
देश की राजधानी दिल्ली में अक्टूबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। गुरुवार रात हुई बारिश और तेज हवाओं के बाद शुक्रवार सुबह दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार दर्ज किया गया। कई दिनों से प्रदूषण की मार झेल रहे लोगों को बारिश के बाद राहत मिली है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार सुबह 4 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 133 दर्ज किया गया, जो मध्यम श्रेणी में आता है। इससे पहले 28 और 29 अक्टूबर को दिल्ली की हवा खराब श्रेणी में बनी हुई थी।
बारिश के बाद प्रदूषण के स्तर में आई गिरावट
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा था। वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
गुरुवार शाम से शुरू हुई बारिश और मौसम में बदलाव के कारण वातावरण में मौजूद धूल के कणों को नीचे बैठने में मदद मिली। इसके साथ ही हवा की स्थिति में बदलाव आने से प्रदूषक तत्वों की सांद्रता में कमी दर्ज की गई।
शुक्रवार सुबह AQI 133 तक पहुंचना राजधानी के लिए राहत भरा संकेत रहा। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार बारिश से मिलने वाली यह राहत अस्थायी हो सकती है और मौसम सामान्य होने पर प्रदूषण दोबारा बढ़ सकता है।
चार साल बाद अक्टूबर में सबसे कम अधिकतम तापमान
बारिश का असर केवल वायु गुणवत्ता पर ही नहीं, बल्कि तापमान पर भी दिखाई दिया। 29 अक्टूबर को दिल्ली के सफदरजंग मौसम केंद्र में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 5.6 डिग्री कम था।
अक्टूबर महीने में इससे कम अधिकतम तापमान आखिरी बार 8 अक्टूबर 2022 को 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस तरह दिल्ली में चार साल बाद अक्टूबर का इतना ठंडा दिन देखने को मिला।
आज भी बारिश और गरज-चमक की संभावना
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 30 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर में सामान्यतः बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और रात के समय भारी बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 31 अक्टूबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की उम्मीद है। वहीं, 1 नवंबर से आसमान मुख्य रूप से साफ रहने की संभावना जताई गई है।
प्रदूषण से राहत के बावजूद सतर्क रहने की जरूरत
बारिश के कारण AQI में आई गिरावट से दिल्ली के लोगों को कुछ समय के लिए राहत जरूर मिली है, लेकिन राजधानी में वायु प्रदूषण की समस्या अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए केवल बारिश पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। वाहनों के उत्सर्जन पर नियंत्रण, निर्माण स्थलों पर धूल प्रबंधन, कचरा जलाने पर रोक और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग जैसे उपाय लगातार लागू करने होंगे।
दिल्ली में मौसम का यह बदलाव एक बार फिर दिखाता है कि वायु गुणवत्ता और मौसम के बीच गहरा संबंध है। हालांकि, लंबे समय तक स्वच्छ हवा बनाए रखने के लिए प्रदूषण के मूल स्रोतों पर नियंत्रण करना जरूरी है।
