बारिश थमते ही मुंबई की हवा बिगड़ी, धुंध में छिपा शहर का स्काईलाइन; AQI 100 के पार

मुंबई, 3 अक्टूबर 2026: मुंबई में मानसून की बारिश कमजोर पड़ने के साथ ही हवा की गुणवत्ता में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 100 के पार पहुंच गया, जिसके बाद कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में दर्ज की गई। बारिश के दौरान साफ दिखाई देने वाला मुंबई का आसमान अब धुंध की चादर में नजर आ रहा है।

पहली बार पोस्ट-मानसून सीजन में AQI 100 के पार

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार दोपहर मुंबई का समग्र AQI 111 दर्ज किया गया। शहर के 20 सक्रिय मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 10 स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता ‘मध्यम’ श्रेणी में रही।

इलाकों के स्तर पर प्रदूषण में काफी अंतर देखा गया। वर्ली में AQI 178, कोलाबा में 143, देवनार में 141 और मझगांव में 138 तक पहुंच गया। इन क्षेत्रों में PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण प्रमुख प्रदूषकों में शामिल रहे।

बारिश कम हुई तो धूल और प्रदूषक बढ़े

मानसून के दौरान लगातार बारिश होने से हवा में मौजूद धूल और निलंबित प्रदूषक काफी हद तक नीचे बैठ जाते हैं या बारिश के पानी के साथ हट जाते हैं। सितंबर तक मुंबई की हवा सामान्यतः 100 AQI से नीचे रही थी।

अब बारिश की गतिविधि कमजोर होने के साथ हवा में नमी और सफाई का यह प्रभाव कम हुआ है। इसके अलावा हवा की दिशा और गति में बदलाव के कारण उत्तर दिशा से आने वाली अपेक्षाकृत शुष्क हवा और धूल भी प्रदूषण बढ़ाने में भूमिका निभा रही है।

मुंबई की ऊंची इमारतें धुंध में हुईं ओझल

मुंबई के कई हिस्सों में सुबह और दिन के समय धुंध जैसी स्थिति दिखाई दी। शहर की पहचान मानी जाने वाली ऊंची इमारतें और स्काईलाइन कई जगहों पर साफ दिखाई नहीं दी।

एक दिन पहले भी मुंबई के कई हिस्सों में ऐसी धुंध दर्ज की गई थी। उस समय धीमी हवा को इसके प्रमुख कारणों में बताया गया था। हवा की गति बढ़ने पर वातावरण में जमा धुंध और प्रदूषक कुछ हद तक फैलने की संभावना रहती है।

BMC ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए बढ़ाई निगरानी

बढ़ते प्रदूषण के बीच मुंबई महानगरपालिका ने वार्ड स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए नए मानक संचालन प्रोटोकॉल लागू किए हैं। प्रत्येक वार्ड में कम से कम 10 ऐसे स्थान चिन्हित किए जाने हैं, जहां प्रदूषण बढ़ने की आशंका अधिक रहती है।

इनमें निर्माण और पुनर्विकास स्थल, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, खुले में कचरा जलाने वाले क्षेत्र, मलबा डंपिंग साइट और अधिक ट्रैफिक वाले इलाके शामिल हैं। प्रत्येक चिन्हित हॉटस्पॉट की निगरानी के लिए अधिकारी नियुक्त किए जाने हैं।

निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के निर्देश

वार्ड स्तर की टीमों को रोजाना कम से कम दो निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। डिमोलिशन साइट पर मलबे को ढकने, उचित बैरिकेडिंग और लगातार पानी का छिड़काव करने जैसे उपायों पर जोर दिया गया है।

निर्माण स्थलों से जुड़े डेवलपर्स और ठेकेदारों को आसपास की सड़कों की सफाई की जिम्मेदारी भी दी गई है।

AQI बढ़ने पर और सख्त कदम

CPCB के वर्गीकरण के अनुसार 101 से 200 के बीच AQI ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। 201 से 300 ‘खराब’, 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 400 से ऊपर ‘गंभीर’ श्रेणी मानी जाती है।

मुंबई के लिए तैयार किए गए प्रदूषण नियंत्रण प्लान में AQI बढ़ने के साथ अतिरिक्त कदम उठाने का प्रावधान है। AQI 200 से ऊपर जाने पर सड़क सफाई, पानी का छिड़काव और खुले में कचरा जलाने के खिलाफ कार्रवाई तेज की जा सकती है। वहीं AQI 300 से ऊपर लगातार तीन दिन रहने पर संबंधित मॉनिटरिंग स्टेशन के आसपास 2 किलोमीटर के दायरे में प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को रोकने का प्रावधान है।

अक्टूबर में मौसम भी बदल रहा है

मुंबई में मानसून की वापसी की प्रक्रिया के बीच तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार सप्ताहांत में अधिकतम तापमान करीब 34–35 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना जताई गई थी। मानसून की वापसी, हवा के पैटर्न में बदलाव और शुष्क परिस्थितियां शहर के मौसम और वायु गुणवत्ता दोनों को प्रभावित कर सकती हैं।

आगे क्या?

बारिश पूरी तरह कमजोर पड़ने के साथ मुंबई में धूल, निर्माण गतिविधियों और ट्रैफिक से जुड़े प्रदूषकों पर निगरानी महत्वपूर्ण हो गई है। आने वाले दिनों में हवा की गति और बारिश की स्थिति यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगी कि शहर में जमा धुंध और प्रदूषण कितना कम होता है।

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