भोपाल | 3 अक्टूबर 2026
भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में फरार चल रहे उनके केयरटेकर वरुण कुमार की तलाश के लिए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस को आरोपी की आखिरी गतिविधियों के संकेत आगरा-मथुरा रूट पर मिले हैं। इसके बाद जांच टीमें अब दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की ओर जाने वाले रेलवे मार्गों पर सक्रिय हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी की तलाश में करीब 60 पुलिसकर्मियों की छह टीमें अलग-अलग दिशाओं में काम कर रही हैं। रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी आगरा के बाद किस दिशा में गया।
आगरा-मथुरा रूट तक मिली थी आखिरी लोकेशन
जांच में सामने आया है कि हत्या के बाद आरोपी वरुण कुमार भोपाल से निकलकर उत्तर प्रदेश की ओर गया। उसका मोबाइल आगरा-मथुरा रूट पर सक्रिय मिला था। बाद में आगरा में उसने राकेश अग्रवाल का मोबाइल एक परिचित को दे दिया।
इसके बाद आरोपी की सीधी मोबाइल लोकेशन मिलना बंद हो गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वह आगरा से किस माध्यम से आगे बढ़ा और किस शहर में गया।
रेलवे स्टेशनों के CCTV से तलाश
मोबाइल लोकेशन उपलब्ध नहीं होने के बाद पुलिस ने रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी कैमरों की मदद लेने पर जोर दिया है। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की ओर जाने वाले संभावित रेलवे मार्गों के स्टेशनों की फुटेज खंगाली जा रही है।
जांच का एक प्रमुख बिंदु यह है कि आरोपी ने आगरा से ट्रेन पकड़ी या किसी अन्य माध्यम से आगे गया। पुलिस संभावित स्टेशनों की फुटेज में उसके हुलिए और गतिविधियों से जुड़े सुराग तलाश रही है।
परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ
जांच के सिलसिले में आगरा में आरोपी के पिता, बहन और बहनोई से भी पूछताछ की गई है। पुलिस उसके संपर्कों और घटना के बाद की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
जांचकर्ताओं ने आरोपी के पुराने मोबाइल नंबर से जुड़ी गतिविधियों की भी पड़ताल शुरू की है। पुलिस के अनुसार, वरुण से जुड़ा एक पुराना मोबाइल नंबर हाल में सक्रिय हुआ था। उससे जुड़े संपर्कों और गतिविधियों को जांच में शामिल किया गया है।
राकेश अग्रवाल का मोबाइल भी जांच का अहम हिस्सा
पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद राकेश अग्रवाल का मोबाइल अपने साथ ले गया था। आगरा पहुंचने के बाद यह मोबाइल एक परिचित के पास मिला। जांच एजेंसियां फोन के इस्तेमाल और उससे जुड़ी गतिविधियों की जानकारी जुटा रही हैं।
एक अन्य जांच अपडेट में यह भी सामने आया कि आरोपी ने राकेश अग्रवाल के फोन में अपनी पुरानी सिम का इस्तेमाल किया था, जिसके कारण उसकी लोकेशन का सुराग मिला।
पहले काम कर चुके कर्मचारियों से भी पूछताछ
पुलिस ने राकेश अग्रवाल के यहां पहले काम कर चुके कर्मचारियों, ड्राइवर और अन्य परिचितों से पूछताछ की है। जांच का उद्देश्य घटना से पहले के हालात और घर में काम करने वाले कर्मचारियों से जुड़े पहलुओं को समझना है।
पुलिस ने केयरटेकर उपलब्ध कराने वाली एजेंसी की भूमिका से जुड़े पहलुओं की भी जांच शुरू की है। राकेश अग्रवाल के परिवार ने एजेंसी संचालक की भूमिका की जांच की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सत्यापन और अन्य तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में हुआ अंतिम संस्कार
राकेश अग्रवाल का अंतिम संस्कार शुक्रवार को भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर किया गया। उनके बेटे सिद्धांत ने अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं। इस दौरान कई सेवानिवृत्त आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी मौजूद रहे।
पुलिस के सामने आरोपी को पकड़ने की चुनौती
फिलहाल पुलिस का फोकस आरोपी की संभावित यात्रा और संपर्कों की कड़ियां जोड़ने पर है। मोबाइल लोकेशन, पुराने नंबर की गतिविधि, रेलवे स्टेशनों की सीसीटीवी फुटेज और आगरा में मिले संपर्कों की जानकारी को मिलाकर उसकी संभावित दिशा का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
मामले में पुलिस की जांच जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही घटना से जुड़े कई सवालों का विस्तृत जवाब सामने आने की संभावना है।
