नागोया | 29 सितंबर 2026
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय बॉक्सिंग टीम के लिए अच्छी खबर सामने आई है। परवीन हुड्डा ने महिलाओं के 65 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए एक और पदक पक्का कर दिया है। अब उनकी नजर फाइनल में जगह बनाने पर है। सेमीफाइनल में उनका मुकाबला चीन की ली शू से होना है।
परवीन ने क्वार्टरफाइनल में उज्बेकिस्तान की वर्ल्ड चैंपियनशिप सिल्वर मेडलिस्ट नवबखोर खामिदोवा को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया था। इस जीत के साथ उन्होंने सेमीफाइनल में प्रवेश किया और भारत के लिए कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित किया।
5-0 से दर्ज की शानदार जीत
क्वार्टरफाइनल मुकाबले में परवीन ने शुरुआत से ही आक्रामक बॉक्सिंग की। तीनों राउंड में उन्होंने जजों पर अपनी बढ़त बनाए रखी और मुकाबला 5-0 से अपने नाम किया।
रिपोर्ट के अनुसार, परवीन ने पहले राउंड में 4-1 और अगले दोनों राउंड में 5-0 का स्कोर हासिल किया। खामिदोवा जैसी मजबूत अंतरराष्ट्रीय प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ यह जीत परवीन के लिए महत्वपूर्ण रही।
अब चीन की ली शू से मुकाबला
सेमीफाइनल में परवीन का सामना चीन की ली शू से निर्धारित है। मुकाबला 29 सितंबर को सुबह 10:15 बजे भारतीय समयानुसार जापान के निशियो जिम्नेजियम में होना है।
यह मुकाबला जीतने पर परवीन फाइनल में पहुंच जाएंगी और उनके पदक का रंग सिल्वर या गोल्ड हो सकता है। सेमीफाइनल में हार की स्थिति में उन्हें कांस्य पदक मिलेगा, क्योंकि बॉक्सिंग में सेमीफाइनल हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य मिलता है।
पिछले एशियन गेम्स का पदक वापस लेने का मौका
परवीन के लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत रूप से भी अहम है। पिछले एशियन गेम्स में उन्होंने 65 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता था, लेकिन बाद में डोपिंग नियमों से जुड़े मामले के कारण वह पदक वापस ले लिया गया था।
अब 2026 एशियन गेम्स में उन्होंने दोबारा पदक की दौड़ में जगह बना ली है। हालांकि उनका लक्ष्य अब सेमीफाइनल जीतकर सीधे गोल्ड मेडल मुकाबले में पहुंचना होगा।
भारत के कई बॉक्सर सेमीफाइनल में
परवीन हुड्डा के अलावा अंकुश पंघाल और नरेंद्र बेरवाल भी अपने-अपने वर्गों के सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। अंकुश पुरुषों के 80 किग्रा वर्ग में उज्बेकिस्तान के फजलिद्दीन एरकिनबोएव से भिड़ेंगे, जबकि नरेंद्र बेरवाल पुरुषों के 90 किग्रा से अधिक वर्ग में कजाकिस्तान के वर्ल्ड चैंपियन ऐबेक ओरलबाय के सामने होंगे। तीनों भारतीय मुक्केबाजों के सेमीफाइनल में पहुंचने से कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित हो चुका है।
