The Vvaan Review: अमर चित्र कथा वाली फील, बिहार के लोक रंग में लिपटी सिद्धार्थ-तमन्ना की ‘द वन’

नई दिल्ली | 28 सितंबर 2026

सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म ‘The Vvaan: Force of the Forrest’ 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म हॉरर, लोककथा, रहस्य और फैंटेसी को बिहार की संस्कृति और छठ पूजा के माहौल के साथ जोड़ने की कोशिश करती है। कहानी एक रहस्यमयी जंगल, वन देवी से जुड़ी मान्यताओं और आधुनिक सोच बनाम पुरानी आस्थाओं के टकराव के इर्द-गिर्द घूमती है।

फिल्म का सबसे अलग पहलू इसका लोककथा वाला संसार है। बिहार का गांव, छठ पूजा, रहस्यमयी जंगल, वन देवी और पीढ़ियों से चली आ रही मान्यताएं फिल्म को आम हॉरर फिल्मों से अलग पहचान देने की कोशिश करती हैं। हालांकि कहानी आगे बढ़ने के साथ स्क्रीनप्ले कई दिशाओं में फैल जाता है, जिसकी वजह से फिल्म का असर हर जगह एक जैसा नहीं रहता।

क्या है ‘The Vvaan’ की कहानी?

फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने ऋषि का किरदार निभाया है, जो शहर में रहने वाला एक आधुनिक और तर्कवादी व्यक्ति है। वह अपनी पत्नी ममता, जिसका किरदार तमन्ना भाटिया ने निभाया है, के साथ बिहार स्थित अपने पुश्तैनी गांव लौटता है।

ऋषि गांव अपनी पुश्तैनी जमीन बेचने और छठ पूजा में शामिल होने के लिए आता है। लेकिन गांव में एक ऐसे जंगल को लेकर पुरानी मान्यता है, जहां सूर्यास्त के बाद जाने की मनाही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस जंगल की रक्षा वन देवी करती हैं और वहां मौजूद शक्तियों से छेड़छाड़ खतरनाक हो सकती है।

ऋषि इन मान्यताओं को अंधविश्वास मानता है। इसी बीच जंगल, जमीन और विकास को लेकर विवाद सामने आता है और कहानी धीरे-धीरे एक रहस्यमयी मोड़ लेती है।

अमर चित्र कथा जैसी फील क्यों आती है?

फिल्म की शुरुआत में जिस तरह बिहार की लोककथा, गांव की मान्यताओं और रहस्यमयी जंगल को स्थापित किया गया है, वह दर्शकों को किसी पुरानी लोककथा के संसार में ले जाने की कोशिश करता है।

Aaj Tak के रिव्यू में फिल्म के इस हिस्से को अमर चित्र कथा के पन्ने के बड़े पर्दे पर जीवंत होने जैसा बताया गया है। फिल्म लोकविश्वास और आधुनिक सोच की टक्कर को अपनी कहानी का आधार बनाती है।

हालांकि फिल्म की तुलना भारतीय लोककथाओं पर आधारित चर्चित फिल्मों से भी की गई है, लेकिन समीक्षाओं में यह बात सामने आई है कि ‘The Vvaan’ अपनी संभावनाओं को पूरी तरह इस्तेमाल नहीं कर पाती।

बिहार का रंग और छठ पूजा बनी फिल्म की खासियत

फिल्म में बिहार की संस्कृति को केवल पृष्ठभूमि की तरह इस्तेमाल नहीं किया गया है। छठ पूजा के दृश्य, लोक संगीत, गांव का वातावरण और धार्मिक आस्था कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

विशेष रूप से छठ से जुड़े सीक्वेंस को समीक्षाओं में फिल्म के मजबूत हिस्सों में गिना गया है। तमन्ना भाटिया का किरदार ममता भी छठ और अपनी मातृत्व की इच्छा से भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है।

फिल्म की सिनेमैटोग्राफी भी जंगल और ग्रामीण वातावरण को स्थापित करने में मदद करती है। घना जंगल, धुंध, अंधेरा और प्राकृतिक लोकेशन फिल्म को एक अलग विजुअल टोन देते हैं।

सिद्धार्थ और तमन्ना की एक्टिंग कैसी है?

सिद्धार्थ मल्होत्रा ने ऋषि के किरदार में एक ऐसे व्यक्ति को निभाया है जो शुरुआत में तर्क और विज्ञान को प्राथमिकता देता है, लेकिन घटनाओं के साथ उसकी सोच को चुनौती मिलती है।

तमन्ना भाटिया ने ममता के किरदार में भावनात्मक पक्ष को संभाला है। समीक्षकों के मुताबिक उनके किरदार में कुछ अच्छे मौके हैं, खासकर छठ और मातृत्व से जुड़े हिस्सों में, लेकिन स्क्रीनप्ले उन्हें उतना विस्तार नहीं देता जितना दिया जा सकता था।

वहीं सुनील ग्रोवर फिल्म में अलग अंदाज में नजर आते हैं। गंभीर भूमिका में उनका प्रदर्शन कई समीक्षाओं में उल्लेखनीय बताया गया है। मनीष पॉल, श्वेता तिवारी और अनूप सोनी भी फिल्म का हिस्सा हैं।

हॉरर है या रहस्य-रोमांच?

‘The Vvaan’ को पूरी तरह पारंपरिक हॉरर फिल्म कहना थोड़ा मुश्किल है। फिल्म में डर पैदा करने की कोशिश जरूर है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा मिस्ट्री, लोककथा और सुपरनैचुरल एडवेंचर पर टिका है।

रहस्यमयी जंगल, वन देवी और अलौकिक शक्तियों से जुड़े हिस्से कहानी को आगे बढ़ाते हैं। हालांकि कुछ समीक्षकों ने माना कि फिल्म कई जगह डर से ज्यादा रहस्य और रोमांच पर निर्भर करती है।

VFX और विजुअल्स में दिखती है मेहनत

फिल्म का विजुअल स्केल इसकी प्रमुख खूबियों में शामिल है। जंगल और अलौकिक दुनिया को बड़े पर्दे पर दिखाने के लिए VFX का इस्तेमाल किया गया है। रहस्यमयी बाघ और अन्य सुपरनैचुरल दृश्यों में फिल्म बड़े स्तर पर जाने की कोशिश करती है।

हालांकि VFX को लेकर भी राय एक जैसी नहीं है। कुछ समीक्षकों ने इसके विजुअल्स की तारीफ की, जबकि कुछ ने माना कि कई जगह VFX अपेक्षित स्तर की फिनिश नहीं दे पाता।

पहला हाफ बेहतर, दूसरे हाफ में कमजोर पड़ती है कहानी

फिल्म का पहला हिस्सा गांव, जंगल, आस्था और रहस्य को धीरे-धीरे स्थापित करता है। यहां दर्शक के मन में यह सवाल बना रहता है कि आखिर जंगल में ऐसा क्या है जिससे पूरा गांव डरता है।

लेकिन इंटरवल के बाद कहानी में कई नए मोड़, अलौकिक शक्तियां और एक्शन जुड़ते जाते हैं। कुछ समीक्षकों का मानना है कि इसी हिस्से में फिल्म का स्क्रीनप्ले बिखरने लगता है और मूल लोककथा का रहस्य कुछ हद तक कमजोर पड़ जाता है।

समीक्षकों की राय मिली-जुली

फिल्म को लेकर समीक्षकों की राय एक जैसी नहीं है। Aaj Tak ने इसे 3/5 की रेटिंग दी और लोककथा, विजुअल्स तथा मनोरंजन को इसकी ताकत माना, जबकि कमजोर स्क्रीनप्ले और दूसरे हाफ को कमी बताया।

Times of India ने इसे 2.5/5 देते हुए इसके लोककथा वाले आधार और विजुअल्स की सराहना की, लेकिन स्क्रीनप्ले की असमानता को इसकी बड़ी कमजोरी माना।

वहीं कुछ अन्य समीक्षाएं फिल्म के प्रति ज्यादा आलोचनात्मक रही हैं। इससे साफ है कि ‘The Vvaan’ को लेकर दर्शकों और समीक्षकों के अनुभव अलग-अलग हो सकते हैं।

बॉक्स ऑफिस पर कैसी शुरुआत?

25 सितंबर को रिलीज हुई फिल्म ने पहले दिन भारत में करीब ₹8 करोड़ नेट कमाए। फिल्म को रिलीज से पहले बहुत मजबूत एडवांस बुकिंग नहीं मिली थी, लेकिन शुरुआती दिन का कलेक्शन उम्मीद से बेहतर रहा।

एक नजर में
फिल्म: The Vvaan: Force of the Forrest
मुख्य कलाकार: सिद्धार्थ मल्होत्रा, तमन्ना भाटिया
अन्य कलाकार: सुनील ग्रोवर, मनीष पॉल, श्वेता तिवारी, अनूप सोनी
निर्देशक: दीपक कुमार मिश्रा
रिलीज डेट: 25 सितंबर 2026
जॉनर: फैंटेसी, मिस्ट्री, हॉरर-थ्रिलर
कहानी की पृष्ठभूमि: बिहार का गांव और रहस्यमयी जंगल
मुख्य तत्व: लोककथा, वन देवी, छठ पूजा, आस्था और आधुनिक सोच
खासियत: बिहार का लोक रंग, सिनेमैटोग्राफी और विजुअल्स
कमजोरी: असमान स्क्रीनप्ले और कमजोर पड़ता दूसरा हाफ

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