मुनाफे का लालच पड़ा भारी, 59 साल की महिला से 1.41 करोड़ की ठगी

नवी मुंबई | 26 सितंबर 2026

ऑनलाइन निवेश में कम समय में बड़ा मुनाफा कमाने का लालच एक 59 वर्षीय महिला को भारी पड़ गया। नवी मुंबई के नेरुल की रहने वाली महिला को साइबर ठगों ने कथित तौर पर फर्जी IPO निवेश योजना में फंसाकर ₹1 करोड़ 41 लाख 56 हजार की ठगी कर ली। आरोपियों ने महिला को भरोसा दिलाया कि IPO में निवेश करने पर उसे अच्छा और लगभग सुनिश्चित रिटर्न मिलेगा।

शिकायत के आधार पर नवी मुंबई साइबर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बैंक खातों, फर्जी ऐप और WhatsApp ग्रुप से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

WhatsApp पर मिला निवेश का ऑफर

पुलिस के मुताबिक, नेरुल के सेक्टर-21 में रहने वाली महिला से 20 जुलाई को WhatsApp के जरिए संपर्क किया गया। कथित तौर पर एक महिला ने अपना नाम अनन्या श्रीनिवासन बताया और खुद को एक सिक्योरिटी कंपनी से जुड़ा हुआ बताया।

महिला को IPO में निवेश करने का प्रस्ताव दिया गया। उसे बताया गया कि निवेश में जोखिम कम है और रिटर्न अच्छा मिलेगा। भरोसा जीतने के बाद उसे ‘Exclusive’ नाम का एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया और एक WhatsApp ग्रुप में जोड़ दिया गया।

इसके बाद ग्रुप में निवेश से संबंधित निर्देश दिए जाने लगे और महिला से अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई।

1.41 करोड़ रुपये कराए ट्रांसफर

शिकायत के अनुसार, महिला ने 26 जुलाई से 5 अगस्त के बीच कई बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए कुल ₹1,41,56,000 कथित तौर पर आरोपियों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर किए।

इसके बाद फर्जी निवेश ऐप में महिला के खाते में रकम बढ़ती हुई दिखाई गई। ऐप पर उसका निवेश बढ़कर करीब ₹3.01 करोड़ दिखाया गया। इससे महिला को लगा कि उसे वास्तव में बड़ा मुनाफा हो चुका है।

रकम निकालने गई तो सामने आया पूरा खेल

जब महिला ने ऐप में दिखाई जा रही रकम को अपने बैंक खाते में निकालने की कोशिश की, तो उसे पैसे निकालने नहीं दिए गए।

आरोपियों ने कथित तौर पर उसे एक फर्जी स्क्रीनशॉट भी भेजा, जिसमें करीब ₹3.01 करोड़ की रकम क्रेडिट होने का दावा किया गया था। इसके बाद पैसे निकालने के लिए 10 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जमा करने को कहा गया।

इसे ‘Risk Management System’ के नाम पर बताया गया। यहीं से महिला को पूरे मामले पर संदेह हुआ।

कंपनी से संपर्क करने पर खुला राज

संदेह होने के बाद महिला ने संबंधित कंपनी से संपर्क कर निवेश ऑफर की जानकारी सत्यापित करने की कोशिश की। कथित तौर पर उसे पता चला कि जिस व्यक्ति के नाम का इस्तेमाल उससे संपर्क करने के लिए किया गया था, वह कंपनी छोड़ चुका था और कंपनी पर नियामकीय प्रतिबंध भी लगाए गए थे।

इसके बाद महिला को समझ आया कि वह फर्जी निवेश योजना का शिकार हो चुकी है। उसने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत की और नवी मुंबई साइबर पुलिस से संपर्क किया।

पुलिस ने शुरू की जांच

नवी मुंबई साइबर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है, जिनमें महिला की रकम ट्रांसफर हुई थी।

इसके साथ ही फर्जी निवेश ऐप, WhatsApp बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि कथित ठगी में शामिल लोगों तक पहुंचा जा सके।

निवेश के नाम पर बढ़ रहे डिजिटल ठगी के तरीके

इस मामले में ठगों ने केवल मुनाफे का लालच नहीं दिया, बल्कि फर्जी ऐप के जरिए स्क्रीन पर बढ़ता हुआ बैलेंस और मुनाफा भी दिखाया। ऐसे मामलों में पीड़ित को यह विश्वास होने लगता है कि उसका निवेश वास्तव में बढ़ रहा है।

साइबर पुलिस ने भी लोगों को सलाह दी है कि WhatsApp या सोशल मीडिया के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। किसी भी कंपनी, निवेश प्लेटफॉर्म या IPO से जुड़े दावे की आधिकारिक स्रोतों से जांच करने के बाद ही कोई वित्तीय निर्णय लेना चाहिए।

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