मंडला, 26 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश के मंडला जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र के हीरापुर गांव में गणेश विसर्जन के बाद बड़ा हादसा हो गया। गणेश पंडाल में अचानक करंट फैलने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग इसकी चपेट में आए। शुरुआती पुलिस जानकारी में दो लोगों के घायल होने की बात सामने आई है, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई गई है। वहीं कुछ अन्य रिपोर्टों में घायलों की संख्या तीन बताई गई है। मामले की जांच जारी है।
हादसा शुक्रवार, 25 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि गणेश प्रतिमा के विसर्जन के बाद कुछ लोग पंडाल के मंच पर ही आराम करने के लिए सो गए थे। इसी दौरान बिजली का करंट पंडाल के हिस्से में फैल गया और वहां सो रहे लोग इसकी चपेट में आ गए।
विसर्जन के बाद पंडाल में सो रहे थे लोग
जानकारी के मुताबिक, हीरापुर गांव के खिरका मोहल्ले में गणेश प्रतिमा स्थापित की गई थी। शुक्रवार को गणेश विसर्जन के बाद कुछ युवक और अन्य लोग पंडाल में वापस लौटे और थकान के कारण वहीं मंच पर सो गए।
सुबह अचानक बिजली का प्रवाह पंडाल के हिस्से में फैल गया। हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों को जब घटना की जानकारी मिली तो अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई।
चार मृतकों की पहचान सामने आई
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार मृतकों की पहचान बिरेन्द्र भांगर (55), कृष्ण कुमार भांबरे (19), रवि (24) और जैनू भांबरे (39) के रूप में हुई है। हादसे की सूचना के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छा गया।
घटना ने पूरे गांव को झकझोर दिया है। गणेश उत्सव के समापन के बाद जहां लोग भगवान गणेश को विदाई देकर लौटे थे, वहीं कुछ ही घंटों बाद पंडाल में हुई इस दुर्घटना से उत्सव का माहौल मातम में बदल गया।
बिजली के तार से करंट फैलने की आशंका
शुरुआती जानकारी में शॉर्ट सर्किट या बिजली के तार के टूटने को हादसे की संभावित वजह बताया जा रहा है। एक स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, पंडाल में एम्पलीफायर से जुड़ा बिजली का कनेक्शन वायर टूटकर मंच पर सो रहे लोगों के ऊपर गिर गया था। पंडाल और आसपास नमी होने के कारण करंट फैलने की स्थिति और गंभीर हो गई। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया
हादसे में घायल हुए लोगों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। शुरुआती पुलिस-आधारित जानकारी में दो घायलों की बात कही गई है और इनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है। दूसरी ओर, कुछ रिपोर्टों में तीन लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। इसलिए घायलों की अंतिम संख्या प्रशासनिक पुष्टि के बाद स्पष्ट होगी।
पुलिस और प्रशासन ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही नैनपुर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पंडाल में करंट किस तरह पहुंचा और विद्युत व्यवस्था में किस स्तर पर खराबी हुई थी।
मंडला के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिव कुमार वर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चार लोगों की मौत हुई है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करंट फैलने के कारणों की जांच की जा रही है।
गणेश पंडालों में बिजली सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
मंडला की घटना ने गणेश उत्सव के दौरान लगाए जाने वाले अस्थायी पंडालों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पंडालों में बड़ी संख्या में बिजली के तार, लाइटिंग, साउंड सिस्टम और अन्य विद्युत उपकरण लगाए जाते हैं।
ऐसे में खुले या क्षतिग्रस्त तार, खराब अर्थिंग, नमी और विद्युत उपकरणों की गलत वायरिंग हादसे का कारण बन सकती है। खासकर बारिश के मौसम में पंडालों की विद्युत व्यवस्था की जांच और सुरक्षित वायरिंग बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
मंडला की घटना से एक दिन पहले जबलपुर में भी गणेश पंडाल के पास बिजली के करंट की चपेट में आने से 16 वर्षीय छात्र की मौत हुई थी। उस मामले में परिजनों और स्थानीय लोगों ने पोल में पहले से करंट आने की शिकायत किए जाने का दावा किया था।
