सूखी हवाओं ने दी राहत! दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में अगले दो दिन कम रहेगी उमस

नई दिल्ली | 17 अगस्त 2026

कई दिनों से उमस और चिपचिपी गर्मी से परेशान दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा के लोगों के लिए मौसम को लेकर राहत की खबर है। मॉनसून ट्रफ के अपनी मौजूदा स्थिति से खिसककर हिमालय की तलहटी के करीब पहुंचने के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ती दिख रही हैं। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम दिशा से अपेक्षाकृत सूखी हवाओं का असर भी शुरू हो गया है। इससे इन मैदानी इलाकों में हवा की नमी कम होने और अगले कुछ दिनों तक मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।

मौसम में यह बदलाव ऐसे समय आया है जब दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से बादल, हल्की बारिश और ज्यादा नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा था। अब हवा की दिशा और मॉनसून ट्रफ की स्थिति बदलने से मौसम का मिजाज कुछ समय के लिए बदलता नजर आ रहा है।

हिमालय की तलहटी की ओर खिसकी मॉनसून ट्रफ

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय मॉनसून ट्रफ सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर खिसककर हिमालय की तलहटी के करीब पहुंच गई है।

मॉनसून के दौरान ट्रफ की स्थिति बारिश के वितरण में अहम भूमिका निभाती है। जब यह ट्रफ उत्तर की तरफ खिसकती है तो उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ सकती हैं, जबकि हिमालयी राज्यों और उनके आसपास के इलाकों में बारिश बढ़ने की संभावना रहती है।

यही स्थिति इस समय देखने को मिल रही है।

जहां दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में बारिश कम होने और मौसम के कुछ समय तक शुष्क रहने के संकेत हैं, वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

सूखी हवाओं ने कम की नमी

मौसम में बदलाव का दूसरा बड़ा कारण उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली हवाएं हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर-पश्चिमी हवाएं लगातार चल रही हैं और इनकी गति करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक रहने से क्षेत्र में अपेक्षाकृत सूखी हवा पहुंच रही है। इससे वातावरण में नमी का स्तर कम होने की उम्मीद है।

नमी घटने का सीधा असर लोगों को महसूस होने वाली उमस पर पड़ सकता है। यही वजह है कि अगले कुछ दिनों में दिल्ली-NCR और आसपास के राज्यों में मौसम पहले की तुलना में ज्यादा आरामदायक महसूस हो सकता है।

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

आसमान में हल्के बादल जरूर आ सकते हैं और कुछ इलाकों में शाम के समय हल्की या छिटपुट बारिश भी हो सकती है, लेकिन फिलहाल व्यापक बारिश की संभावना कम बताई गई है।

यानी दिल्लीवासियों को अगले एक-दो दिन लगातार बारिश के बजाय आंशिक बादल, कम नमी और अपेक्षाकृत शुष्क मौसम देखने को मिल सकता है।

हालांकि मौसम पूरी तरह साफ रहने की गारंटी नहीं है। स्थानीय स्तर पर बादल बनने की स्थिति में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।

पंजाब और हरियाणा में भी बारिश कमजोर

दिल्ली के साथ-साथ पंजाब और हरियाणा में भी मॉनसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं।

इन दोनों राज्यों के बड़े हिस्सों में आसमान अपेक्षाकृत साफ रहने और बारिश की संभावना कम रहने का अनुमान है।

बारिश कम होने से जहां जलभराव जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है, वहीं तापमान में मामूली बढ़ोतरी भी देखने को मिल सकती है। हालांकि सूखी हवाओं के कारण हवा में नमी कम रहने से उमस पहले की तुलना में कम महसूस हो सकती है।

पहाड़ों में बढ़ेगी बारिश

मॉनसून ट्रफ के हिमालय की तलहटी की तरफ जाने का असर पहाड़ी राज्यों पर अलग दिखाई दे सकता है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में इस दौरान बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। पहाड़ों में बारिश बढ़ने पर भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी स्थानीय समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

इसलिए पहाड़ी इलाकों में रहने वाले और यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत होगी।

सैटेलाइट तस्वीरों में भी दिखा बदलाव

मौसम में आए इस बदलाव की तस्वीर 16 अगस्त की INSAT-3DS सैटेलाइट इमेजरी में भी दिखाई दी।

सैटेलाइट तस्वीर में पूर्वी भारत की ओर ज्यादा सक्रिय बादल दिखाई दिए, जबकि पंजाब, हरियाणा और दिल्ली-NCR के बड़े हिस्से अपेक्षाकृत साफ नजर आए।

मॉनसूनी बादलों की सक्रियता पूर्वी उत्तर प्रदेश से बिहार होते हुए बंगाल की खाड़ी तक ज्यादा दिखाई दी। इसके विपरीत उत्तर-पश्चिम भारत में बादलों की गतिविधि सीमित रही।

पूर्वी और मध्य भारत में बारिश का जोर

जहां दिल्ली और आसपास के राज्यों में फिलहाल बारिश कमजोर हो रही है, वहीं देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में मॉनसून सक्रिय बना हुआ है।

मौसम प्रणाली के कारण पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

इसका मतलब है कि मॉनसून पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है, बल्कि उसका फोकस फिलहाल देश के दूसरे हिस्सों की ओर स्थानांतरित हुआ है।

राहत ज्यादा लंबी नहीं रहने वाली?

दिल्ली-NCR और उत्तर-पश्चिम भारत के लोगों के लिए यह राहत हालांकि लंबे समय तक रहने वाली नहीं मानी जा रही है।

मौसम मॉडल के अनुसार 18 से 20 अगस्त के बीच बंगाल की खाड़ी में बनने वाला एक नया निम्न दबाव क्षेत्र आगे बढ़ सकता है। इसके प्रभाव से मॉनसून ट्रफ की स्थिति फिर बदलने की संभावना है।

अगर यह सिस्टम अनुमान के मुताबिक आगे बढ़ता है तो सप्ताह के दूसरे हिस्से और वीकेंड के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ सकती हैं।

फिर लौट सकती है बारिश

नए मौसम सिस्टम के प्रभाव से मॉनसून ट्रफ दोबारा दक्षिण की तरफ खिसक सकती है। ऐसी स्थिति बनने पर दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे वापस आ सकती हैं।

यानी मौजूदा सूखा दौर मॉनसून की विदाई का संकेत नहीं है। यह मानसून के सामान्य उतार-चढ़ाव का हिस्सा है।

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार मानसून के दौरान ट्रफ की स्थिति लगातार बदलती रहती है और इसी के कारण अलग-अलग समय पर देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता में बदलाव आता है।

तापमान बढ़ सकता है

बारिश कम होने और आसमान अपेक्षाकृत साफ रहने की वजह से दिल्ली-NCR में दिन के तापमान में कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।

हालांकि सूखी हवाओं के कारण नमी कम रहने से तापमान बढ़ने के बावजूद चिपचिपी उमस पहले की तुलना में कम महसूस हो सकती है।

यानी मौसम का अनुभव कुछ ऐसा हो सकता है कि दिन में गर्मी रहे, लेकिन हवा में नमी कम होने के कारण पहले जैसी बेचैनी न हो।

किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव

पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि प्रधान राज्यों के लिए मौसम में यह बदलाव महत्वपूर्ण है।

लगातार बारिश से खेतों में जलभराव की समस्या वाले इलाकों को कुछ राहत मिल सकती है। वहीं जिन इलाकों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां किसानों को आगे के मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी होगी।

आने वाले दिनों में यदि नया कम दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम भारत तक पहुंचता है तो फिर से अच्छी बारिश हो सकती है।

अभी क्या है मौसम का पूरा समीकरण?

फिलहाल स्थिति को इस तरह समझा जा सकता है:

दिल्ली-NCR: अगले कुछ दिनों में मुख्यतः शुष्क मौसम
पंजाब: बारिश की गतिविधियां कमजोर, नमी घटने की संभावना
हरियाणा: मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के आसार
हिमाचल प्रदेश: बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं
उत्तराखंड: बारिश का जोर बढ़ने की संभावना
पूर्वी भारत: मॉनसून ज्यादा सक्रिय
18-20 अगस्त: नए लो-प्रेशर सिस्टम से मौसम में फिर बदलाव संभव
दिल्ली वालों को कब मिलेगी पूरी राहत?

फिलहाल दिल्ली-NCR में लोगों को उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसे पूरी तरह स्थायी राहत नहीं माना जा सकता।

यदि बंगाल की खाड़ी का नया सिस्टम सक्रिय होकर मॉनसून ट्रफ को दोबारा दक्षिण की ओर खिसकाता है, तो दिल्ली और आसपास के इलाकों में फिर से बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

इसलिए आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली-NCR के लोगों के लिए फिलहाल सबसे बड़ी राहत नमी में कमी है, जबकि बारिश की वापसी के लिए अगले मौसम सिस्टम पर नजर बनी रहेगी।

निष्कर्ष

17 अगस्त 2026 को उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज मॉनसून ट्रफ की स्थिति बदलने से बदला है। ट्रफ के हिमालय की तलहटी की ओर खिसकने और उत्तर-पश्चिमी सूखी हवाओं के पहुंचने से दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में उमस कम होने और मौसम शुष्क रहने की संभावना है। वहीं हिमालयी राज्यों में बारिश बढ़ सकती है। हालांकि 18-20 अगस्त के बीच बंगाल की खाड़ी से बनने वाले नए सिस्टम के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश फिर लौट सकती है।

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