मप्र मंत्रिमंडल विस्तार की आहट: 5 नए विधायकों को मिल सकता है मंत्री पद; रीति पाठक या मालिनी को मौका, तीन सीनियर मंत्रियों के विभाग बदलने की भी संभावना

दिनांक: 22 जून, 2026
विशेष संवाददाता, भोपाल:

मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) की सुगबुगाहट तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी कैबिनेट को नया स्वरूप देने और प्रशासनिक कसावट लाने के इरादे से जल्द ही विस्तार कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, आगामी मानसून सत्र से पहले इस विस्तार को हरी झंडी मिल सकती है। इस संभावित फेरबदल में जहाँ 5 नए चेहरों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है, वहीं तीन मौजूदा वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में भी बड़ा बदलाव होने की संभावना है।

इस विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन के साथ-साथ आधी आबादी (महिला प्रतिनिधित्व) को भी साधने की कोशिश की जाएगी।

रीति पाठक या मालिनी गौड़: महिला कोटे से प्रबल दावेदार

सूत्रों का दावा है कि मंत्रिमंडल में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए दो बड़े नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इनमें से किसी एक को कैबिनेट मंत्री या राज्य मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है:

  • रीति पाठक (Riti Pathak): विंध्य क्षेत्र से आने वाली रीति पाठक, जो लोकसभा सांसद रह चुकी हैं और वर्तमान में सिहावल से विधायक हैं, एक मजबूत दावेदार हैं। विंध्य में भाजपा की मजबूत पकड़ और उनके प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए उन्हें मौका मिल सकता है।
  • मालिनी लक्ष्मण सिंह गौड़ (Malini Gaur): मालवा-निमाड़ क्षेत्र से इंदौर की पूर्व महापौर और वर्तमान विधायक मालिनी गौड़ भी इस दौड़ में बराबर की दावेदार हैं। मालवा क्षेत्र भाजपा का गढ़ है और मालिनी गौड़ की संगठन में अच्छी पकड़ है, जिससे उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

3 सीनियर मंत्रियों के विभाग बदलने की संभावना

सूत्रों का कहना है कि नए चेहरों को शामिल करने के साथ-साथ, मुख्यमंत्री मौजूदा मंत्रिमंडल में भी फेरबदल करेंगे। तीन वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया जा सकता है। यह कदम प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और मंत्रालयों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जिन मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है, उनमें से एक वरिष्ठ मंत्री को एक से अधिक महत्वपूर्ण मंत्रालयों का प्रभार मिल सकता है।

विस्तार का मुख्य उद्देश्य: 2028 की तैयारी और प्रशासनिक कसावट

इस मंत्रिमंडल विस्तार को महज एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है।

  • क्षेत्रीय संतुलन: बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र से नए विधायकों को मंत्री बनाकर क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
  • जातीय समीकरण: भाजपा अपने पारंपरिक वोट बैंक के साथ-साथ नए वर्गों को साधने के लिए जातीय समीकरणों को भी ध्यान में रखेगी।
  • प्रशासनिक दक्षता: नए चेहरों और अनुभवी मंत्रियों के विभागों में बदलाव के जरिए प्रशासनिक दक्षता और मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में दिल्ली का दौरा किया था, जहां उन्होंने भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ इस संबंध में चर्चा की थी। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी दे दी है और अब मुख्यमंत्री किसी भी समय तारीखों का ऐलान कर सकते हैं।

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